नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आखिरकार सरकारी बंगला आवंटित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें दिल्ली के सिविल लाइन्स स्थित ’95 लोधी एस्टेट’ में टाइप-8 बंगला दिया है, जो सरकारी आवासों में दूसरा सबसे बड़ा बंगला माना जाता है।
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद बंगला मिला
सरकारी बंगला मिलने में देरी के बाद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि बंगला 10 दिन के अंदर उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को बंगले का आधिकारिक आवंटन कर दिया गया।
केजरीवाल का नया सरकारी पता
अरविंद केजरीवाल अब 95 लोधी एस्टेट के बंगले में रहेंगे। टाइप-8 बंगला होने के कारण यह आवास आकार और सुविधाओं में काफी बड़ा है। सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपने पुराने फ्लैगस्टाफ रोड वाले बंगले को छोड़ दिया था। तब से वे अस्थायी रूप से AAP सांसद अशोक मित्तल के बंगले में रह रहे थे।
हाई कोर्ट में दलील
केजरीवाल के वकील ने हाई कोर्ट में बताया कि 2014 के Directorate of Estates नियम के अनुसार राजनीतिक दलों के अध्यक्ष और राष्ट्रीय संयोजक को सरकारी आवास का अधिकार होता है। इसके अलावा, इतिहास में देखा गया है कि राष्ट्रीय पार्टी के प्रमुखों को हमेशा टाइप-8 बंगला मिलते आए हैं।
AAP प्रमुख के लिए सुविधाजनक आवास
नया बंगला केजरीवाल को सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में सहूलियत देगा। इससे पहले वे अस्थायी रूप से अन्य सांसद के बंगले में रहकर कार्य चला रहे थे। अब AAP प्रमुख का दिल्ली में सरकारी आवास स्थायी रूप से सुनिश्चित हो गया है।