वॉशिंगटन, अमेरिका। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो वर्तमान में अपने दूसरे कार्यकाल में हैं, ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक और बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने मीडियम और हेवी कमर्शियल ट्रकों के इंपोर्ट पर 25% आयात शुल्क लगाने का आदेश दिया है, जो 1 नवंबर 2025 से लागू होगा। यह फैसला ट्रंप के नए टैरिफ नीति का हिस्सा है और माना जा रहा है कि इससे भारत, चीन और यूरोप सहित कई देशों की वाहन निर्यात नीतियों पर असर पड़ेगा।
ट्रकों को टैरिफ की जद में
पहले स्टील, ऑटोमोबाइल, फार्मा, फर्नीचर और घरेलू किचन/बाथरूम उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने के बाद, अब ट्रंप प्रशासन ने मीडियम और हेवी ड्यूटी ट्रकों को भी शामिल कर लिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “Truеth Social” पर इस निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा:
“1 नवंबर, 2025 से अमेरिका में बाहर से आने वाले सभी मीडियम और हेवी ट्रकों पर 25% टैरिफ लागू होगा।”
पहले से लागू टैरिफ नीति
- दवाइयां (ब्रांडेड/पेटेंटेड) – 100%
- सॉफ्टवुड लकड़ी – 10%
- फर्नीचर – 25% से 30%
- किचन कैबिनेट और बाथरूम वैनिटी – 25% से 50%
- स्टील, एल्यूमिनियम, कॉपर – 50%
- इंपोर्टेड कार और ऑटो पार्ट्स – 25%
ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है — घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना।
अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
- भारत: भारत पर पहले से 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लागू था। रूस से तेल पर अतिरिक्त 25% दंडात्मक शुल्क लगाने के बाद भारत से आने वाले कई उत्पादों पर कुल 50% टैक्स लग चुका है।
- चीन: चीन पर 34% तक का टैरिफ लगाया गया है, और संभावना है कि यह बढ़ सकता है।
- यूरोपीय संघ: यूरोपीय देशों को 15% टैरिफ झेलना पड़ रहा है, जो पारस्परिक व्यापार व्यवस्था के तहत तय किया गया है।
अमेरिकी कंपनियों को लाभ, उपभोक्ता होंगे प्रभावित
नई टैरिफ नीति से उन कंपनियों को राहत मिली है जो अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स चलाती हैं। लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को महंगे ट्रक, फर्नीचर और औद्योगिक उत्पाद खरीदने पड़ सकते हैं। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की लागत भी बढ़ सकती है।