नई दिल्ली। ईरान की एक अदालत ने फ्रांस के दो नागरिकों को जासूसी और राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर आरोपों में दोषी ठहराते हुए कुल 63 साल की जेल की सजा सुनाई है। दोनों को 30-30 साल से अधिक समय तक जेल में रहना होगा।
ईरानी मीडिया के अनुसार, दोनों को सेसिल कोहलर और चक पेरिस के नाम से जाना जाता है, हालांकि उनके असली नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। दोनों को ईरानी पुलिस ने 2022 में गिरफ्तार किया था। फ्रांस सरकार ने आरोपों को निराधार बताया है और कोर्ट के फैसले को अन्यायपूर्ण करार दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती की संभावना
अदालत के इस फैसले के खिलाफ 20 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब तेहरान फ्रांस में कैद ईरानी नागरिक की रिहाई की मांग कर रहा है।
अदालत की प्रक्रिया और आरोप
ईरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट बंद कमरे में सुनवाई करती है, और आरोपियों को उनके खिलाफ इकट्ठा किए गए सबूत देखने की अनुमति नहीं होती। अदालत का कहना है कि दोनों आरोपी फ्रांस की खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहे थे और इजरायल को संवेदनशील जानकारियां भेज रहे थे।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
ईरानी पुलिस ने दोनों को सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान रैली से गिरफ्तार किया था। फ्रांस की सरकार ने पुष्टि की है कि ये दोनों पेशे से शिक्षक हैं और ईरान में छुट्टियां मना रहे थे।