वॉशिंगटन | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को गाजा में बढ़ती हिंसा और अंदरूनी हत्याओं के लिए हमास को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर गाजा में खून‑खराबा और कानून-व्यवस्था का टूटना जारी रहा तो “हमें मजबूरन वहां जाकर उसका खात्मा करना पड़ेगा।” हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं कि अमेरिका अपनी जमीनी सेनाएँ गाजा भेजेगा।
ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा, “यह काम हम खुद नहीं करेंगे , हमारे नज़दीक ऐसे लोग हैं जो यह बहुत आसानी से कर लेंगे, पर हमारी निगरानी में।” उनके इस बयान से आशंका जताई जा रही है कि वे किसी क्षेत्रीय साझेदार या लक्षित, गैर‑अमेरिकी कार्रवाई की ओर संकेत कर रहे हैं, पर उन्होंने किसी देश या तरीके का नाम नहीं लिया।
पिछले कुछ दिनों में ट्रंप के सुर बदलते दिखे हैं। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि हमास ने “कुछ बहुत बुरे गिरोहों” को नष्ट किया है और कई लोगों की हत्या हुई है, और उन्होंने ऐसे मुद्दों को पहले अपेक्षाकृत मामूली बताया था। अब उनकी भाषा अधिक कड़ी हो गई है , उन्होंने हमास से कहा कि उन्हें हथियार डालने होंगे, वरना “हम उन्हें निशस्त्र करेंगे — और यह तेज़ व संभवतः हिंसक होगा।”
विश्लेषक बताते हैं कि गाजा में हालिया महीनों में इजरायली हमले और नियंत्रण के चलते हमास की प्रशासनिक व सुरक्षा पकड़ कमजोर हुई है। इसी बीच स्थानीय सशस्त्र गिरोहों और प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़पें और मानवीय सहायता के संरक्षण/विक्रय को लेकर आरोप‑प्रत्यारोप भी बढ़े हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ट्रंप की ताज़ा चेतावनी के पीछे का कारण माना जा रहा है।
बीते युद्धविराम और बंधक समझौते के बाद भी गाजा में आंतरिक हिंसा थम नहीं पाई है। व्हाइट हाउस ने ट्रंप के बयान पर तुरंत विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया; वरिष्ठ अधिकारियों ने हालांकि कहा है कि फिलहाल अमेरिका गाजा में जमीन पर तैनाती के पक्ष में नहीं है और वह क्षेत्रीय साझेदारों व साझी कार्रवाइयों के माध्यम से स्थिति नियंत्रित करने का विकल्प तलाश रहा है।
यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता भी बढ़ा रहा है ,खासकर इसलिए कि किसी बाहरी हस्तक्षेप से मौजूदा समझौतों और मानवीय राहत प्रयासों पर असर पड़ सकता है। नीति‑निर्माताओं के सामने फिलहाल बड़ा प्रश्न यही है कि गाजा में कैसे स्थिरता लाई जाए , बिना बड़े सैन्य हस्तक्षेप के, या किसी लक्षित और नियंत्रित कार्रवाई के माध्यम से।