नई दिल्ली। इटली में कैथोलिक पादरियों पर बड़े पैमाने पर यौन शोषण के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ितों के संगठन रेटे ल’अबूसो की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 से अब तक लगभग 4,400 लोगों ने यौन शोषण का शिकार होने का दावा किया है। आरोप है कि इन मामलों में कई वर्षों तक मामले दबाए जाते रहे और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया।
पीड़ितों के बयान और कोर्ट दस्तावेज़ों पर आधारित रिपोर्ट
रेटे ल’अबूसो ने बताया कि यह आंकड़े पीड़ितों की गवाही, न्यायिक अभिलेखों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। हालांकि संगठन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल मामलों में से कितने पुराने हैं और कितने हाल के।
चर्च पर अपराध छिपाने के आरोप
इस मामले पर फिलहाल इतालवी बिशप सम्मेलन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन यह कोई नया मामला नहीं है। वैश्विक कैथोलिक चर्च पर लंबे समय से यौन शोषण के मामलों को दबाने और आरोपियों को बचाने के आरोप लगते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इटली का स्थानीय चर्च इस गंभीर मुद्दे से निपटने में सुस्त रवैया अपना रहा है।
नए पोप की पहल
हाल ही में नियुक्त पोप लियो ने इस सप्ताह पहली बार यौन शोषण के पीड़ितों से मुलाकात की और पीड़ितों के दर्द को गंभीरता से सुना। उन्होंने चर्च के नए बिशपों को यौन शोषण के मामलों को दबाने या छिपाने से सख्त मना किया है।
उनसे पहले दिवंगत पोप फ्रांसिस ने भी अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में इस मुद्दे को प्राथमिकता दी थी, लेकिन सुधारों के बावजूद स्पष्ट परिणाम नहीं मिल पाए।