नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मोंथा’ तेजी से मजबूत होता जा रहा है और अब यह समुद्र तट की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि चक्रवात आज शाम या देर रात आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकिनाडा तट से टकरा सकता है।
चक्रवात के तट से टकराने के समय हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।
आंध्र प्रदेश में अलर्ट, कई जिलों में तेज तूफान का खतरा
IMD हैदराबाद के वैज्ञानिक जीएनआरएस श्रीनिवास राव ने बताया कि पेद्दापल्ली, जयशंकर भूपालपल्ली और मुलुगु जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तर-पूर्वी जिलों में येलो अलर्ट लागू है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
ओडिशा में रेस्क्यू ऑपरेशन तैयार, 8 जिले रेड जोन में
ओडिशा में भी 2–3 दिन भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ाते हुए 8 जिलों को रेड जोन घोषित किया है। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने वाली ओड्राफ की टीमें बोट, राफ्ट और जनरेटर के साथ तैनात की गई हैं। गजपति और गंजम में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त दल भेजे गए हैं। मछलीपट्टनम से आई 30 मछली पकड़ने वाली नौकाओं को गोपालपुर बंदरगाह में सुरक्षित रखा गया है।
सीएम नायडू ने दिए सख्त निर्देश – तटीय इलाकों को खाली कराएं
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आपदा प्रबंधन अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि:
- कमजोर तटीय क्षेत्रों को फौरन खाली कराया जाए
- लोगों को राहत शिविरों में सुरक्षित स्थानांतरित किया जाए
- राहत शिविरों में खाने और साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
- जिला कलेक्टरों को नहरों और जलाशयों पर निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं
NDRF और SDRF अलर्ट पर
आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव के लिए 11 NDRF और 12 SDRF टीमें तैनात की गई हैं। राज्य सरकार ने आपदा राहत कार्यों के लिए तुरंत आपात फंड जारी कर दिया है और प्रशासन को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।