अंकारा/इस्तांबुल। तुर्की में सोमवार देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे कई जिलों में अफरा-तफरी मच गई। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.1 दर्ज की गई, जबकि भूकंप का केंद्र बालिकेसिर प्रांत के सिंदिरगी शहर के पास बताया गया है। तुर्की की आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (AFAD) के अनुसार भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी।
झटके इतने शक्तिशाली थे कि इस्तांबुल, इजमिर, बुरसा और मनिसा जैसे प्रमुख शहरों में भी लोग घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, कम से कम तीन इमारतें ढह गईं, जबकि पुरानी और पहले से क्षतिग्रस्त कई इमारतों में दरारें आ गई हैं। राहत एवं बचाव टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच गई हैं। अब तक किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि कई लोगों के घायल होने की खबर है।
पहले से भूंकप की मार झेल रहे इलाके फिर हिले
ये इलाके पिछले कुछ महीनों से लगातार भूकंपीय झटके झेल रहे हैं।
- अगस्त 2025: इसी क्षेत्र में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई थी।
- सितंबर 2025: सिंदिरगी क्षेत्र में 4.9 तीव्रता का झटका महसूस किया गया।
- दोनों घटनाओं के बाद सरकार ने क्षेत्र को उच्च जोखिम वाला क्षेत्र घोषित किया था।
आपदा राहत कार्य जारी
AFAD और स्थानीय प्रशासन ने राहत अभियान शुरू कर दिया है।
- प्रभावित जिलों में आपातकालीन शेल्टर सक्रिय किए गए।
- लोगों को खुले मैदानों और सुरक्षित स्थलों में स्थानांतरित किया गया है।
- रेस्क्यू टीमें ढही इमारतों में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
तुर्की क्यों झेलता है लगातार भूकंप?
तुर्की भूगोल की दृष्टि से दो प्रमुख टेक्टॉनिक प्लेटों – एनाटोलियन और यूरेशियन प्लेट – के संगम पर स्थित होने के कारण दुनिया के सबसे संवेदनशील भूकंप प्रभावित देशों में गिना जाता है। कैंडिली वेधशाला के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह भूकंप फरवरी 2023 की फॉल्ट लाइन की निरंतर गतिविधियों से जुड़ा है।
2023 की त्रासदी आज भी डराती है
फरवरी 2023 में 7.8 की भीषण तीव्रता वाले भूकंप ने तुर्की और सीरिया में भारी तबाही मचाई थी।
- तुर्की में 53,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी
- 11 प्रांतों में लाखों भवन क्षतिग्रस्त हुए
- उत्तरी सीरिया में 6,000 लोगों की मौत हुई थी