अंबाला | यमुनानगर जिले के कपाल मोचन तीर्थ में लगने वाला वार्षिक मेला एक नवंबर से शुरू होगा। यह धार्मिक मेला पांच नवंबर तक चलेगा। मेले को लेकर प्रशासन और रोडवेज विभाग ने विशेष तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
कपाल मोचन मेला यमुनानगर के बिलासपुर क्षेत्र में आयोजित किया जाता है। मेले में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए अंबाला छावनी बस स्टैंड से कपाल मोचन के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। बस का किराया लगभग सत्तर से पचहत्तर रुपये के बीच निर्धारित किया गया है।
अंबाला डिपो कार्यशाखा निरीक्षक बहादुर सिंह ने बताया कि मेले के दौरान सौ से अधिक रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा। पहले दिन बीस अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। दूसरे दिन बसों की संख्या बढ़ाकर तीस कर दी जाएगी। तीसरे दिन चालीस बसें चलाई जाएंगी। चौथे और पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पचास से अधिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि सभी बसें अंबाला छावनी बस स्टैंड से कपाल मोचन के लिए नियमित अंतराल पर रवाना होंगी। यह सेवाएं मेले की समाप्ति तक जारी रहेंगी। बसों में पीने के पानी की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रोडवेज प्रशासन ने बताया कि एक नवंबर की सुबह आठ बजे से बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस स्टैंड पर हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा। यहां यात्रियों को रूट और बस समय की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बस स्टैंड परिसर में विश्राम हेतु टेंट की व्यवस्था भी की जाएगी।