पटना/जयपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जहां राजनीतिक दल पूरे जोश में हैं, वहीं राजस्थान के मशहूर फलोदी सट्टा बाजार ने पहले ही अपने रुझान दिखा दिए हैं। चुनावी भविष्यवाणियों के लिए प्रसिद्ध यह बाजार एक बार फिर सुर्खियों में है। ताजा भावों के अनुसार, NDA गठबंधन स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है, जबकि महागठबंधन पिछड़ता नजर आ रहा है।
NDA की जीत पर दांव, रिटर्न भी दोगुना
फलोदी बाजार में सटोरिए NDA की जीत पर सबसे ज्यादा दांव लगा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति NDA पर ₹1000 का दांव लगाता है, तो उसे ₹2000 तक का रिटर्न मिल सकता है। इसका मतलब है कि सट्टा बाजार के रुझानों के अनुसार राज्य में NDA सरकार बनने की संभावना सबसे प्रबल मानी जा रही है।
सीटों का अनुमान
- NDA: 128 से 132 सीटों के बीच, कुछ ट्रेंड 135–138 तक
- महागठबंधन: 93 से 100 सीटों के बीच
सट्टा बाजार के भाव बताते हैं कि महागठबंधन का ग्राफ नीचे जा रहा है, जबकि NDA लगातार बढ़त बना रहा है।
नीतीश कुमार पर भरोसा कायम
मुख्यमंत्री पद को लेकर भी सट्टा बाजार में स्पष्ट रुझान नजर आ रहे हैं। नीतीश कुमार के भाव 40 से 45 पैसे पर टिके हैं, जो दर्शाता है कि सटोरियों के अनुसार NDA का चेहरा नीतीश कुमार ही बने रहेंगे।
महागठबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण राह
महागठबंधन के लिए यह चुनाव कठिन और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। सटोरियों के मुताबिक, उनकी सीटें 93 से 96 के बीच सिमट सकती हैं। प्रचार अभियान तेज होने के बावजूद, अभी तक बाजार के भावों में कोई बड़ा सुधार नहीं दिखा है।
वोटिंग डेट्स और आगे का रुझान
बिहार में वोटिंग 6 और 11 नवंबर को निर्धारित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रचार के अंतिम दौर में सट्टा बाजार के रुझान और स्पष्ट हो जाएंगे। फलोदी बाजार की विशेषता यह है कि यहां के भाव तेजी से बदलते हैं, इसलिए चुनाव के आखिरी हफ्ते निर्णायक साबित हो सकते हैं।