चंडीगढ़ | आम आदमी पार्टी (AAP) ने हरियाणा की बीजेपी सरकार पर दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने शनिवार को कहा कि यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण नहीं, बल्कि “सबसे बड़ा चुनावी छलावा” है।
ढांडा ने दावा किया कि बीजेपी ने हर महिला को ₹2100 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन 1.4 करोड़ पात्र महिलाओं में से केवल 3.73% को ही राशि मिली, जबकि 96.27% महिलाएं वंचित रह गईं। उन्होंने कहा, “यह ‘लाडो लक्ष्मी’ नहीं, ‘लूटो लक्ष्मी योजना’ है।”
महिलाओं पर लगाई गईं कठोर शर्तें
अनुराग ढांडा ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर ऐसी शर्तें तय कीं, जिनसे अधिकांश महिलाएं पात्रता से बाहर हो गईं। इनमें शामिल हैं —
- परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख से कम हो,
- महिला की उम्र 23 वर्ष से अधिक हो,
- पति हरियाणा का निवासी हो,
- परिवार में कोई पेंशनधारी न हो।
उन्होंने कहा कि इन शर्तों के कारण गरीब बेटियां, छात्राएं, नई बहुएं और विधवाएं सभी को योजना से बाहर कर दिया गया है।
सरकार का दावा: महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल
वहीं, हरियाणा सरकार का कहना है कि लाडो लक्ष्मी योजना का उद्देश्य राज्य की गरीब और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। 25 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चले ऑनलाइन पंजीकरण अभियान में 6,97,697 महिलाओं ने आवेदन किया। इनमें 6,51,529 विवाहित और 46,168 अविवाहित महिलाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में पंचकूला में इस योजना की पहली किस्त जारी करते हुए कहा था कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। हालांकि, अब यह योजना सियासी बहस का नया मुद्दा बन गई है।