नई दिल्ली। अमेरिका और चीन के बीच चल रही रेयर अर्थ मटीरियल्स को लेकर तनातनी एक बार फिर चर्चा में है। भले ही दोनों देशों के बीच हालिया तनाव कुछ कम हुआ हो, लेकिन यह विवाद पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा। अमेरिका अब इस संकट से निपटने के लिए नए विकल्प तलाशने में जुट गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि यदि चीन रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध जारी रखता है, तो अमेरिका चीन पर टैरिफ बढ़ाने के लिए तैयार है। उनका यह बयान दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों में चल रही खींचतान को और गहरा करता है।
चीन ने दी रियायत, फिर भी बनी आशंका
गौरतलब है कि चीन ने हाल ही में घोषणा की है कि वह अक्टूबर में रेयर अर्थ मटीरियल्स और टेक्नोलॉजी पर लगाए गए प्रतिबंधों को एक साल के लिए निलंबित करेगा। हालांकि, बेसेंट ने इस कदम पर चिंता जताई और कहा कि बीजिंग कई बार अपने वादों को निभाने में नाकाम रहा है।
उन्होंने कहा, “चीन ने रेयर अर्थ मेटल्स के बाजार पर लगभग पूरी पकड़ बना रखी है, लेकिन कई मौकों पर वह भरोसेमंद साझेदार साबित नहीं हुआ है।”
बेसेंट ने बताया कि इन धातुओं का उत्पादन अमेरिका सहित कई देशों में होता है, लेकिन इनके औद्योगिक उपयोग के लिए प्रोसेसिंग में चीन का लगभग एकाधिकार बना हुआ है।
यह घोषणा हाल ही में दक्षिण कोरिया में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई वार्ता के बाद सामने आई थी, जिसके बावजूद स्थिति अभी भी संतुलन में नहीं दिख रही।