जकार्ता। इंडोनेशिया में बुधवार तड़के एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सुलावेसी (Sulawesi) तट के पास आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.2 दर्ज की गई। देश की मौसम विज्ञान, जलवायु और भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) ने इसकी पुष्टि की है। राहत की बात यह है कि भूकंप के बाद सुनामी का कोई खतरा नहीं है।
भूकंप का केंद्र और प्रभाव क्षेत्र
BMKG के अनुसार, भूकंप का केंद्र सुलावेसी द्वीप के उत्तरी तटीय इलाके के पास समुद्र में था। स्थानीय समयानुसार यह झटका सुबह करीब 4:45 बजे महसूस किया गया। इसका प्रभाव गोरोंतलो, पालू और ममूजु सहित कई तटीय शहरों में देखा गया। रिपोर्टों के अनुसार, झटके करीब 20 से 25 सेकंड तक महसूस किए गए, जिससे लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हुई।
कोई बड़ा नुकसान नहीं, राहत दल अलर्ट पर
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है और सभी जिलों से स्थिति की रिपोर्ट मांगी है।
‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित इंडोनेशिया
इंडोनेशिया ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेट्स के टकराने के कारण भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट आम हैं।
- सितंबर 2018 में सुलावेसी में आए 7.5 तीव्रता के भूकंप और सुनामी में 4,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
- जनवरी 2021 में भी इसी क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 100 से अधिक लोगों की जान गई थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, क्षेत्र में लगातार भूकंपीय गतिविधियों के चलते आगामी दिनों में हल्के झटके महसूस होने की संभावना बनी रह सकती है।