नई दिल्ली | कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की हार का असली कारण अंदरूनी कलह और संगठनात्मक अस्थिरता है, न कि किसी तरह की धांधली। रिजिजू ने कहा — “कांग्रेस में आपसी तालमेल की कमी और गुटबाजी इतनी गहरी है कि उनके ही नेता एक-दूसरे को हराने में जुटे थे।”
रिजिजू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का हवाला देते हुए कहा कि कुमारी सैलजा, संपत सिंह और राव नरेंद्र सिंह तक यह स्वीकार कर चुके हैं कि पार्टी में एकता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई कांग्रेस नेता निजी तौर पर मानते हैं कि जब तक राहुल गांधी उनके नेता हैं, वे जीत नहीं सकते।
भाजपा की जीत का राज अनुशासन और समर्पण: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा की सफलता अनुशासन, कार्यकर्ता समर्पण और संगठन की मजबूती में छिपी है। विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान किया और कभी फर्जी आरोपों या अराजकता का सहारा नहीं लिया।
राहुल गांधी देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं
रिजिजू ने आगे कहा कि राहुल गांधी जानबूझकर Gen Z युवाओं को गुमराह करने और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा — “राहुल गांधी देश को बदनाम करने के एजेंडे पर काम कर रहे हैं, लेकिन जनता मोदी जी के साथ खड़ी है और ऐसे षड्यंत्र कभी सफल नहीं होंगे।”
“वोट चोरी” एक मनगढ़ंत कहानी: रिजिजू
रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और काल्पनिक बताया। उन्होंने कहा कि “वोट चोरी जैसी कोई चीज होती ही नहीं। राहुल गांधी को ये आइडिया विदेश से मिलता है और वह उसे यहां दोहराते हैं।”
उन्होंने कहा कि वोटिंग से पहले हर पार्टी को वोटर लिस्ट दी जाती है, अगर कांग्रेस ने मेहनत की होती तो आज उन्हें आरोप लगाने की बजाय आत्ममंथन करना पड़ता। रिजिजू ने कहा — “राहुल गांधी अपनी नाकामियों का ठीकरा चुनाव आयोग और ईवीएम पर फोड़ते हैं, लेकिन देश का युवा सब समझता है और मोदी जी के साथ है।”