नई दिल्ली I गुरुवार को पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। भूकंप के दौरान कई लोग अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, इस्लामाबाद में 4.3, काबुल में 4.4, और चीन के झिंजियांग क्षेत्र में 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
चीन के झिंजियांग में 4.7 तीव्रता का भूकंप
NCS ने बताया कि गुरुवार सुबह चीन के झिंजियांग प्रांत में 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह झटका कुछ दिनों पहले रविवार को आए 4.9 तीव्रता के भूकंप के बाद महसूस किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र लगभग 130 किलोमीटर की गहराई में था। इससे पहले 7 सितंबर को चीन में 4.1 तीव्रता का उथला भूकंप भी आया था, जो 10 किमी गहराई पर था।
अफगानिस्तान में 4.4 तीव्रता के झटके
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुवार को 4.4 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया। यह भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जिससे आफ्टरशॉक्स का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय मीडिया टोलो न्यूज के अनुसार, सोमवार रात उत्तरी अफगानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप में अब तक 27 लोगों की मौत और 1,000 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है।
पाकिस्तान में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप
गुरुवार को पाकिस्तान में भी 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 240 किलोमीटर की गहराई में था। इससे पहले 24 अक्टूबर और 26 अक्टूबर को भी क्षेत्र में क्रमशः 3.7 और 3.6 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे प्रांत यूरेशियन प्लेट के किनारे पर स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से अत्यधिक सक्रिय रहता है।
उथले भूकंप ज्यादा खतरनाक
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि उथले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक विनाशकारी होते हैं, क्योंकि उनकी भूकंपीय तरंगें सतह तक जल्दी और अधिक ताकत से पहुंचती हैं। इससे जमीन का कंपन ज्यादा और संरचनाओं को नुकसान अधिक होता है।
भूकंप के प्रति संवेदनशील क्षेत्र
चीन की भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से संवेदनशील देशों में शामिल करती है। यह क्षेत्र प्रशांत भूकंपीय पट्टी और भारतीय प्लेट के बीच स्थित है।
20वीं सदी की शुरुआत से अब तक चीन में 6 या उससे अधिक तीव्रता वाले 800 से ज्यादा भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं। लगभग सभी प्रांतों और स्वायत्त क्षेत्रों में कभी न कभी भूकंप महसूस किया जा चुका है।