हिसार। प्रशासनिक लापरवाही के कारण संवेदना पर व्यवस्था भारी पड़ गई। बुधवार को पोस्टमार्टम न होने से बेटे के परिजनों ने मजबूरी में उसकी मां के शव को बर्फ में रख दिया। गुरुवार को भिवानी पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा। इसके बाद दोनों शवों को राजस्थान के गांव भोजाना ले जाया गया, जहां दोपहर बाद मां-बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
घटना के बाद भिवानी के बहल थाना पुलिस ने कार चालक के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खापड़वास से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के चुरू जिले के गांव भोजाना निवासी 66 वर्षीय कमला अपने 26 वर्षीय बेटे मुकेश के साथ बाइक पर भिवानी जिले के गांव खापड़वास में अपनी बुआ से मिलने गई थीं। मंगलवार शाम लौटते वक्त नूनसर और बिदनोई के बीच सामने से आ रही तेज़ रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर दोनों को राजगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। मुकेश की हालत गंभीर होने के कारण परिजन उसे हिसार के एक निजी अस्पताल ले आए। वहीं, कमला की इलाज के दौरान रात में ही मौत हो गई।
पोस्टमार्टम में देरी से बढ़ा दुख
बुधवार सुबह पुलिस ने कमला के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। वे शव लेकर गांव जा रहे थे कि इसी बीच सूचना मिली कि बेटे मुकेश की भी मौत हो गई है। परिजन वापस हिसार पहुंचे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करवाई।
हालांकि शाम पांच बजे के बाद डॉक्टरों ने नियमों का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। इससे परिजनों को पूरी रात बेटे का शव रखना पड़ा। अंततः गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा गया और गांव भोजाना में मां-बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।