Summer express, मुंबई। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,100 से अधिक अंकों की बढ़त के साथ नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 24,000 के अहम स्तर के करीब कारोबार करता नजर आया।
बाजार में सकारात्मक माहौल का असर देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी दिखा, जहां शुरुआती सत्र में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह मजबूती अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेतों के बाद देखने को मिली। दोनों पक्षों की ओर से संघर्ष को समाप्त करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए समुद्री व्यापार को सुचारू बनाने को लेकर शुरुआती सहमति की बात सामने आई है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हुई हैं।
इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड करीब 4.6 प्रतिशत फिसलकर 83.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 80.62 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में यह नरमी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहतभरी मानी जा रही है, क्योंकि इससे महंगाई, चालू खाता घाटा और रुपये पर दबाव कम हो सकता है।
बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। रियल्टी सेक्टर में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑटो सेक्टर में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
सेंसेक्स की कंपनियों में एटरनल और इंडिगो के शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।
दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली, जिनमें भारती एयरटेल और सन फार्मा शामिल रहे। व्यापक बाजार में भी निवेशकों का उत्साह बना रहा, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। उनका मानना है कि तेल सस्ता रहने से आर्थिक विकास और महंगाई से जुड़े अनुमान बेहतर हो सकते हैं, साथ ही रुपये को भी मजबूती मिल सकती है।