चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा जारी की गई ‘एच फाइल्स (हाइड्रोजन बम)’ पर भाजपा ने करारा जवाब दिया है। पार्टी ने इसे ‘एच फाइल्स–हिपोक्रेसी (पाखंड की फाइल)’ करार देते हुए आरोपों का तथ्यात्मक जवाब पेश किया।
भाजपा ने 24 पन्नों का दस्तावेज जारी कर राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद, भ्रम फैलाने वाला और राजनीतिक नुकसान छिपाने का प्रयास बताया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेता अपनी हार की जिम्मेदारी लेने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश पर सवाल उठा रहे हैं।
भाजपा का पलटवार: कांग्रेस 8 नहीं, हम भी 7 सीटें मामूली अंतर से हारे
राहुल गांधी ने दावा किया था कि कांग्रेस आठ सीटों पर सिर्फ 22,000 वोटों से हारी। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी भी लोहारू, आदमपुर, रोहतक, सढ़ोरा, पंचकूला, फतेहाबाद और थानेसर जैसी सात सीटें 12,592 वोटों से हार गई थी। भाजपा ने तर्क दिया कि “यदि यह वोट चोरी होती, तो हम भी इतनी सीटें क्यों हारते?” पार्टी ने हिमाचल और झारखंड के उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में थे, लेकिन कांग्रेस जीती—“फिर वहां तो वोट चोरी नहीं हुई!”
पोस्टल बैलेट और डुप्लीकेट वोटों पर भी भाजपा का जवाब
भाजपा ने कहा कि हरियाणा में पोस्टल बैलेट मत केवल 0.57% थे। ऐसे में कांग्रेस का यह दावा कि “इन वोटों के आधार पर नतीजे बदले जा सकते थे”, तर्कहीन है।
इसके साथ ही भाजपा ने विधानसभा-वार बूथों का ब्यौरा जारी किया, जहां कांग्रेस की जीत डुप्लीकेट वोटों से प्रभावित बताई गई। मुलाना, लोहारू, पंचकूला, थानेसर, गढ़ी-सांपला-किलोई और नूंह जैसे क्षेत्रों में एक ही नाम से दर्ज कई वोटों के उदाहरण भाजपा ने पेश किए।
भाजपा नेताओं का तीखा बयान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि “कांग्रेस अपनी पुरानी रणनीति पर चल रही है—चुनाव हारो, आयोग को दोष दो, और जनता को भ्रमित करो।” वहीं, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा— “राहुल गांधी की हालत ‘नाच न जाने आंगन टेढ़ा’ जैसी है। काम करने के बजाय वे हमेशा दूसरों पर दोष डालते हैं।”
राजनीतिक माहौल गरमाया
राहुल गांधी के आरोपों और भाजपा के जवाब के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किए, वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर “लोकतंत्र की नींव कमजोर करने” का आरोप लगाया।