Shimla, Sanju
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर लगातार गलत तथ्यों के साथ बयानबाज़ी कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष पूरी तरह मुद्दा-विहीन हो चुका है और आंतरिक गुटबाज़ी से जूझ रहा है, जिस कारण उसे सरकार की नीतियों और कार्यों पर तथ्य आधारित सवाल करने का भी अवसर नहीं मिल रहा।
शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान नरेश चौहान ने कहा कि पूर्व जयराम सरकार 30 से 35 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़कर गई थी। जबकि उस दौरान हिमाचल को केंद्र सरकार से आरडीजी ग्रांट, जीएसटी कंपनसेशन और कोविड महामारी के समय विशेष सहायता के रूप में अतिरिक्त आर्थिक मदद भी प्राप्त हुई थी। इसके बावजूद भारी भरकम कर्ज लिया गया, जिसका बोझ आज की सरकार को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में हुए वित्तीय कुप्रबंधन का खामियाजा आज प्रदेश भुगत रहा है।चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार वित्तीय प्रबंधन को सुधारने के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार पारदर्शी व्यवस्था के तहत काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज जो भी ऋण लिया जा रहा है, उसका बड़ा हिस्सा पुराने कर्जों को चुकाने में उपयोग हो रहा है।
मंडी में आपदा प्रभावितों को राहत पैकेज बांटेंगे CM सुखविंदर सिंह
प्रदेश में आई आपदा को लेकर नरेश चौहान ने कहा कि वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा ने हिमाचल को गहरा घाव दिया है। करीब 2000 घर पूरी तरह से तबाह हुए हैं और लगभग 400 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक नुकसान मंडी जिले में हुआ, जहाँ सरकार ने त्वरित राहत कार्य शुरू किए हैं। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज मंडी में राहत पैकेज और चेक वितरित कर इस योजना की शुरुआत करेंगे। सैकड़ों प्रभावित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी राहत पैकेज वितरित किए जाएंगे।
सीएसआर फंड खर्च के न्यायालय पहुंचने के सवाल पर कहा ये
सीएसआर फंड खर्च के न्यायालय पहुंचने के सवाल पर चौहान ने कहा कि न्यायालय ने सरकार से जानकारी मांगी है और सरकार पूरी पारदर्शिता से सभी विवरण न्यायालय को उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 की आपदा के दौरान न केवल कंपनियों ने सीएसआर फंड के माध्यम से सहयोग दिया, बल्कि आम जनता ने भी बढ़-चढ़कर योगदान किया। सरकारी कर्मचारियों ने अपने एक दिन का वेतन राहत कोष में दिया, वहीं छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर सहायता राशि दी।
चौहान ने कहा कि यह हिमाचल की एकजुटता की मिसाल है। सरकार हर सहयोगकर्ता का आभार व्यक्त करती है और आपदा प्रभावितों को न्यायोचित सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को भी चाहिए कि वह गलत तथ्य फैलाने की बजाय आपदा राहत कार्यों में सहयोग करे, ताकि प्रदेश जल्द सामान्य स्थिति में लौट सके।