कैथल | हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कैथल में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि “कैथल पुलिस निकम्मी है, वह अपराधियों पर दयालु रहती है और हर अपराधी को छोड़ देती है।” मंत्री विज ने यह तल्ख टिप्पणी पुलिस की कामकाजी शैली और एफआईआर की धीमी कार्रवाई को लेकर की।
बैठक में मंत्री विज और एसपी उपासना यादव के बीच कुछ देर बहस भी हुई। विज चार घंटे तक जनता की शिकायतें सुनते रहे और पुलिस विभाग बार-बार उनके रडार पर रहा। समिति के अन्य सदस्यों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
यह विवाद मुख्य रूप से मनजीत सिंह द्वारा विदेश भेजने के नाम पर ठगी की शिकायत से जुड़ा है। पिछले बैठक में मंत्री विज ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे, लेकिन एक माह बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस पर इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने कहा कि उन्होंने कानून और नियमों के अनुसार कार्रवाई की।
अनिल विज ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “मैंने पिछली बैठक में एफआईआर के आदेश दिए थे, फिर क्यों नहीं की? 35 साल का विधायक हूं, मुझे न सिखाओ।” उन्होंने मामले में इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने के आदेश भी दिए थे, लेकिन बाद में लोगों की बात मानते हुए एफआईआर की कार्रवाई रोक दी गई। विज ने कहा कि उन्हें गंदे मैसेज भी भेजे गए हैं, जिन्हें सभी को देखना चाहिए।
बैठक में मंत्री ने प्रशासन और पुलिस को चेतावनी दी कि जनता की शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और कानून के दायरे में पूरी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के प्रति लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
कैथल की इस बैठक ने पुलिस और प्रशासन के कामकाज पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं और स्थानीय जनता इस मामले में बड़ी उम्मीदें लगाए हुए है कि पुलिस सक्रिय और जवाबदेह बने।