नई दिल्ली। उत्तर भारत में सर्दी का प्रभाव दिन-प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। हिमालयी क्षेत्रों में जारी बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ा है। पिछले 24 घंटों में उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है।
उत्तर भारत में बढ़ती ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों पर जमा बर्फ और वहां से आने वाली ठंडी हवाएं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार में तापमान को सामान्य से नीचे ले आई हैं। कई शहरों में पारा तेजी से लुढ़का है, जिससे सुबह और रात की ठंड अधिक कड़ी महसूस हो रही है।
दिल्ली का मौसम: प्रदूषण और ठंड का दोहरा असर
देश की राजधानी दिल्ली इस समय प्रदूषण और ठंड — दोनों से परेशान है।
- कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर पहुंचा हुआ है।
- सुबह और शाम ठिठुरन बढ़ गई है, हालांकि दिन में धूप से थोड़ी राहत मिल रही है।
- आईएमडी के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज होगी।
- दिल्ली में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है।
उत्तर प्रदेश: तापमान में और गिरावट संभव
सोमवार को उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।
- आसमान साफ रहेगा।
- अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान घट सकता है।
- कुछ जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है।
बिहार: कड़ाके की ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें
बिहार में पिछले कुछ दिनों से ठंड का असर काफी बढ़ गया है।
- रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट हुई है।
- उत्तर पश्चिमी हवाएं प्रदेश में ठंडक को और बढ़ा रही हैं।
- विभाग के अनुसार यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।
पहाड़ी राज्य: लगातार बर्फबारी
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में
- मध्यम से भारी बर्फबारी जारी है
- कई स्थानों पर तापमान शून्य के आसपास पहुंच गया है
- पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी देखने के लिए पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
आईएमडी के अनुसार दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय है
- अगले 24 घंटों में इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने का पूर्वानुमान
- दक्षिण-पूर्व अरब सागर में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिससे बारिश बढ़ने की संभावना है