चुराह के जनजातीय गांवों को आदर्श मॉडल बनाने की तैयारी, संयुक्त टीमें बना रहीं विकास खाका
Chamba, Manjur Pathan
चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए एक बड़ी पहल शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आदि कर्मयोगी योजना’ के तहत चुराह के 41 जनजातीय गांवों को समग्र रूप से विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य है कि दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जाए।
इन दिनों विकास खंड तीसा में इस योजना के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय, तीसा की पहल पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पंचायत सचिवों और तकनीकी कर्मचारियों की संयुक्त टीम बनाई गई है। यह टीमें चिन्हित पंचायतों के गांवों का दौरा कर रही हैं, जहां वे जमीनी स्तर पर आवश्यकताओं और कमियों का आकलन कर रही हैं। अभी तक विकास खंड की 53 पंचायतों में से कुल 41 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अनुसूचित जनजाति समुदाय की आबादी रहती है और जहां इस योजना के तहत समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी तीसा अरविंद कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों को तेज गति से विकास की मुख्यधारा में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और पंचायत सचिवों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। प्रत्येक टीम अपने-अपने क्षेत्र के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिसमें स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ करना, पेयजल योजनाओं को बेहतर बनाना, स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, सड़क सुविधा उपलब्ध कराना और आजीविका बढ़ाने वाले प्रयास शामिल किए जा रहे हैं।
अरविंद कुमार ने कहा कि तैयार की गई कार्ययोजना को जल्द ही उच्च अधिकारियों के समक्ष भेजा जाएगा, ताकि स्वीकृति मिलने के बाद विकास कार्यों पर तेजी से अमल शुरू किया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना के क्रियान्वयन से चुराह के जनजातीय गांवों का समग्र विकास होगा और लोगों को बुनियादी सुविधाएं उनके ही गांवों में उपलब्ध हो सकेंगी।