नई दिल्ली | सर्दियों में उत्तर भारत में छाए घने कोहरे का असर रेलवे संचालन पर हर वर्ष पड़ता है। विजिबिलिटी कम होने के कारण ट्रेनें धीमी चलानी पड़ती हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और समय पर संचालन दोनों प्रभावित होते हैं। इसी स्थिति को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक 12 जोड़ी यानी कुल 24 ट्रेनों को पूर्ण रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है।
इसके अलावा 14 ट्रेनों के फेरों में कटौती की गई है, जो सप्ताह में केवल निर्धारित दिनों पर ही चलेंगी। वहीं दो ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी और अपने पूरे रूट पर नहीं चलेंगी।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
- सर्दियों में घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो जाती है।
- ट्रेनें धीमी गति से चलानी पड़ती हैं, जिससे समयबद्धता और सुरक्षा प्रभावित होती है।
- दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ने पर रेलवे हर साल सर्दियों में ऐसे प्रबंधन परिवर्तन लागू करता है।
- यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक माना गया है।
इन 24 ट्रेनों का संचालन पूरी तरह रद्द
रेलवे के निर्णय के अनुसार, हावड़ा, नई दिल्ली, अमृतसर, मुजफ्फरपुर, आनंद विहार, डिब्रूगढ़, झांसी, गया जैसी प्रमुख रूटों पर चलने वाली कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। यह रद्दीकरण दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच प्रभावी रहेगा। (ट्रेनों की विस्तृत सूची वही रहेगी)
जिन ट्रेनों के फेरों में कटौती
कई प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह रद्द नहीं किया गया है, लेकिन इनके संचालन को सीमित कर दिया गया है। इन्हें अब सप्ताह में केवल कुछ निर्धारित दिन ही चलाया जाएगा। यह व्यवस्था भी फरवरी 2026 तक लागू रहेगी।
आंशिक रूप से रद्द ट्रेनें
- 12177 हावड़ा–मथुरा चंबल एक्सप्रेस — आगरा कैंट–मथुरा सेक्शन में रद्द
- 12178 मथुरा–हावड़ा चंबल एक्सप्रेस — मथुरा–आगरा कैंट सेक्शन में रद्द
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें।
- टिकट रद्द होने पर रिफंड रेलवे नियमों के अनुसार मिलेगा।
- वैकल्पिक ट्रेनों और समय सारिणी को पहले ही देख लें ताकि यात्रा प्रभावित न हो।