चंडीगढ़ | पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रूपनगर (रोपड़) के आरटीओ और पीसीएस अधिकारी गुरविंदर सिंह चोहल को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। हाल ही में सरकार ने राज्य भर में अधिकारियों की कार्यशैली की कड़ी समीक्षा शुरू की है, जिसके तहत यह सख्त कदम उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के शहीदी समागम के दौरान आयोजित लाइट एंड साउंड शो में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बसों की व्यवस्था में गंभीर लापरवाही पाई गई। कार्यक्रम में बसें उपलब्ध करवाने में आरटीओ की ओर से उचित प्रबंधन नहीं किया गया, जिसके कारण सरकार ने इसे सेवा में गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई का आदेश जारी किया।
जारी अधिसूचना के मुताबिक, अधिकारी को पंजाब सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम 1970 के तहत निलंबित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सस्पेंशन अवधि के दौरान उन्हें पंजाब सिविल सेवा नियमावली, सिलसिला-1, भाग-1 के नियम 7.2 के अनुसार सस्पेंशन अलाउंस दिया जाएगा।
इसके अलावा, निलंबन की अवधि में अधिकारी का मुख्यालय चंडीगढ़ निर्धारित किया गया है। इस दौरान वह बिना संबंधित प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश तुरंत प्रभाव से लागू माना जाएगा और अगली जांच रिपोर्ट आने तक अधिकारी सस्पेंडेड ही रहेंगे।
पंजाब सरकार ने हाल के महीनों में कई विभागों में सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाए हैं, ताकि प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। आरटीओ के खिलाफ यह कार्रवाई भी उसी श्रृंखला का हिस्सा मानी जा रही है।