लुधियाना I लुधियाना में गुरुवार शाम हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है, जिसके सीधे संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े पाए गए। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि मॉड्यूल को पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटर द्वारा वर्चुअल नंबर के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। हैंडलर अपने सहयोगियों को अलग-अलग टास्क सीधे पाकिस्तान से कॉल कर सौंपता था।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार, सभी का आपराधिक रिकॉर्ड
जांच के दौरान पुलिस ने हरियाणा के फतेहाबाद निवासी अजय, बिहार भोजपुर के अर्श और फिरोजपुर के शमशेर को गिरफ्तार किया था। तीनों आरोपी ISI लिंक्ड नेटवर्क का हिस्सा थे और उनके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पंजाब में बड़ा ग्रेनेड ब्लास्ट कराना था मकसद
पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान स्थित हैंडलर ने दो ऑपरेटिव्स को ग्रेनेड उठाकर एक तय लोकेशन पर बड़ा धमाका करने का निर्देश दिया था, ताकि प्रदेश में दहशत पैदा की जा सके। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने ऑपरेशन चलाते हुए संदिग्धों की घेराबंदी की।
दोनों आतंकी बस्ती जोधेवाल से लोडेवाल दिल्ली बाईपास की ओर जा रहे थे। टोल प्लाजा के पास रोके जाने पर उन्होंने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में DSP (इन्वेस्टिगेशन) की गाड़ी पर चार गोलियां लगीं।
पुलिस ने पहले चेतावनी दी, लेकिन आतंकियों की लगातार फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में
- राम लाल प्रसाद को तीन गोलियां
- दीपू को एक गोली
लगी। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जुड़ाव
DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि आरोपी विभिन्न राज्यों में फैले अपने साथियों और विदेश में मौजूद एक विशेष हैंडलर के संपर्क में थे। उन्हें सरकारी इमारतों समेत कई बड़े टारगेट्स पर ग्रेनेड अटैक का टास्क दिया गया था।
पुलिस ने नेटवर्क का विस्तार उजागर करते हुए इस मॉड्यूल से जुड़े तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां अब मॉड्यूल की पूरी फंडिंग, संपर्क और आतंकी साजिश के दायरे की गहराई से जांच कर रही हैं।