शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी विंटर सेशन को लेकर शिक्षा मंत्री और कैबिनेट सदस्य रोहित ठाकुर ने कहा कि यह सरकार के कार्यकाल का अब तक का सबसे बड़ा सत्र होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले हर मुद्दे का तथ्यों के साथ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मंत्री रोहित ठाकुर ने विपक्ष से आग्रह किया कि वे वॉकआउट की बजाय सदन के भीतर अपनी बात रखें, क्योंकि विधायी कार्यवाहियों पर जनता का बड़ा खर्च आता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को विरोध और प्रदर्शन का पूरा अधिकार है, लेकिन जनहित में जरूरी है कि महत्वपूर्ण चर्चा सदन के भीतर हो।
विपरीत परिस्थितियों में काम कर रही सरकार: ठाकुर
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार ने विपरीत हालातों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार से मिली आर्थिक चुनौतियों और प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद प्रदेश सरकार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
ठाकुर ने बताया कि—
- पूर्व सरकार के समय राजस्व घाटा (Revenue Deficit) लगभग 10,000 करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 3,000 करोड़ रुपये रह गया है।
- पुरानी पेंशन बहाली के बाद केंद्र सरकार ने राज्य की लोन सीमा में 1,600 करोड़ रुपये की कटौती की।
- एक्सटर्नल एडेड प्रोजेक्ट्स पर कैपिंग लग चुकी है और GST मुआवजा (Compensation) भी बंद हो गया है।
इसके बावजूद सरकार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है।
शिक्षा में सुधार के दावे
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में क्वालिटी एजुकेशन का स्तर कमजोर था। वर्तमान सरकार के सुधारात्मक प्रयासों से हिमाचल अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है।