रोहतक | काहनी गांव की निवासी सपना हत्याकांड में नामजद मुख्य आरोपी संजू और उसके तीन साथी राहुल, गौरव और अंकित उर्फ बाबा को सोमवार को PGI से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आज (मंगलवार) इन सभी को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस रिमांड की मांग करेगी ताकि हत्या की वारदात और हमले से जुड़े बिंदुओं पर गहन पूछताछ की जा सके।
PGI से थाने तक पैदल पहुंचे आरोपी
पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को PGI से लेकर सदर थाना पहुंचाया। थाने से लगभग 150 मीटर पहले उन्हें वाहन से नीचे उतार दिया गया, जिसके बाद आरोपी पैदल ही थाने पहुंचे। पुलिस के अनुसार, चारों के खिलाफ CIA-2 टीम पर जानलेवा हमला करने का केस भी दर्ज है, इसलिए रिमांड बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस पूछताछ में संजू ने कबूला अपराध
प्रारंभिक पूछताछ में संजू ने स्वीकार किया कि उसकी बहन सपना ने गांव के ही युवक सूरज से शादी की थी, जिसे परिवार अपनी “इज्जत पर आघात” मान रहा था।
संजू के अनुसार—
- कई बार परिवार को ताने सुनने पड़े।
- इसी “बदरंग होती सामाजिक छवि” को रोकने के लिए उसने अपने दोस्तों के साथ सपना और सूरज की हत्या की योजना बनाई।
- वारदात की रात वह साथियों के साथ घर में घुसा और सपना को नजदीक से गोली मार दी।
- बचाव में आए सूरज के भाई साहिल को भी गोली लगी।
- घटना के बाद सभी भाग निकले, जिन्हें बाद में CIA-2 टीम ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा।
गांव में तनाव, पंचायत स्थगित
गांव के सरपंच प्रतिनिधि दलबीर सिंह ने बताया कि रविवार को प्रस्तावित पंचायत को रद्द कर दिया गया है। दरअसल, तीन साल पहले गांव में प्रेम विवाह करने वाले दूसरे युवक-युवती जोड़े ने भी सुरक्षा कारणों से गांव छोड़ दिया है।
सपना हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों ने युवक के परिवार को सलाह दी थी कि वे जिला बदलकर कहीं और रहने की व्यवस्था करें।
मुठभेड़ में घायल होने के बाद PGI में भर्ती थे चारों आरोपी
तीन साल पूर्व सपना और सूरज ने कोर्ट मैरिज की थी और उनका दो साल का बेटा भी है। शुरुआती दिनों में दंपती रोहतक शहर में रहते थे और बाद में गांव आ गए।
घटना की रात:
- सपना की उसके भाई संजू ने गोली मारकर हत्या कर दी।
- साहिल घायल हुआ।
- सूरज उस समय घर के बाहर था।
CIA-2 टीम ने 27 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
उनके पैरों में गोली लगने के कारण सभी को PGI में भर्ती कराया गया था। चार दिन बाद छुट्टी मिलते ही पुलिस ने उन्हें दोबारा हिरासत में ले लिया।