Dharamshala, Rahul-:विधानसभा के सत्र के समापन के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रेस से बातचीत में विपक्ष पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने किसी भी स्थगन प्रस्ताव को मंजूरी देने से इंकार नहीं किया, लेकिन भाजपा सिर्फ अखबारों में सुर्खियां बटोरने के उद्देश्य से ऐसे प्रस्ताव लेकर आई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर पूरे दिन सदन में चर्चा भी हुई, फिर भी विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करता रहा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाजपा की आंतरिक खींचतान को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस समय पाँच गुटों में बंटी हुई है और इसी वजह से उनके बीच “पहले प्रस्ताव कौन लाएगा” को लेकर ही प्रतियोगिता चल रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष के पास मुद्दों की कमी है, इसलिए वे केवल बयानबाज़ी करके माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।बंजार हादसे में प्रभावित परिवारों के लिए राहत राशि की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों के घर जलकर राख हो गए हैं, उन्हें सात लाख रुपए घर निर्माण के लिए दिए जाएंगे, जबकि एक लाख रुपए आवश्यक वस्तुएँ खरीदने के लिए प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की घड़ी में हर पीड़ित के साथ खड़ी है और पुनर्वास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
मंडी में कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष वर्तमान में तनाव और दबाव में है, इसलिए वे सत्ता पक्ष के खिलाफ बिना आधार वाली भविष्यवाणियाँ कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कोई जश्न नहीं मना रही, बल्कि तीन वर्ष के विकास विज़न को जनता के सामने प्रस्तुत कर रही है।ठेकेदारों की पेमेंट में देरी पर मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ विलंब हुआ है, मगर उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी भुगतान तय प्रक्रिया के अनुसार पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने को लेकर उन्होंने दावा किया कि सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
पंचायत चुनावों को लेकर कहा ये
पंचायत चुनावों के संबंध में उन्होंने कहा कि जैसे ही प्रदेश आपदा से पूरी तरह उभर जाएगा, पंचायत चुनाव करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित वातावरण और स्थिर व्यवस्था देना है।