Shimla, 26 November-:हिमाचल प्रदेश इन दिनों लगातार सूखे की चपेट में है, जिससे किसानों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि राज्य में 10 दिसंबर तक बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। इस ड्राय स्पेल ने जहां खेती-बाड़ी को प्रभावित किया है, वहीं पहाड़ी इलाकों में ठंड तेजी से बढ़ने लगी है। दिन के समय धूप खिलने के बावजूद तापमान में गिरावट का असर साफ नजर आ रहा है और खासकर रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
मौसम केंद्र शिमला की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। सबसे कम तापमान ताबो में -7.0 डिग्री सेल्सियस मापा गया, जो इस सीजन की शुरुआती गंभीर ठंड को दर्शाता है। वहीं मैदानी इलाकों में भी हल्की ठंडक बढ़ी है, हालांकि पांवटा साहिब का अधिकतम तापमान 27 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे अधिक था।
सुबह-सुबह कई क्षेत्रों में कोहरे का प्रकोप देखने को मिला। बिलासपुर में विजिबिलिटी 100 मीटर तक सीमित रही, जबकि मंडी और सुंदरनगर में भी मध्यम से उथला कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार, 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक पूरे राज्य में लगातार शुष्क मौसम बना रहेगा। इस अवधि में पर्वतीय जिलों का न्यूनतम तापमान और नीचे जा सकता है तथा उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में पाला जमने की आशंका बढ़ जाएगी।सूखे मौसम का असर अब लोगों की दिनचर्या और कृषि दोनों पर पड़ रहा है। सुबह और शाम की ठंड दिनों-दिन तेज होती जा रही है। बागवानों और किसानों को सलाह दी गई है कि तापमान में गिरावट को देखते हुए पौधों और फसलों की सुरक्षा के आवश्यक उपाय तुरंत अपनाएं। चूंकि फिलहाल कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है, इसलिए बारिश-बर्फबारी की उम्मीद अगले कुछ दिनों तक नहीं की जा सकती है.मौसम विशेषज्ञ संदीप कुमार के अनुसार, “10 दिसंबर तक मौसम पूरी तरह साफ रहने वाला है। तापमान में गिरावट जारी रहेगी, इसलिए ठंड का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है।प्रदेश में फिलहाल ठंड और सूखे की दोहरी मार जारी है, और किसानों को राहत की उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आ रही।