पंचकुला | दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच, हरियाणा की हवा भी गंभीर रूप से जहरीली हो गई है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की सैटेलाइट आधारित हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि हरियाणा भारत के सबसे प्रदूषित राज्यों में शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के धारूहेड़ा, रोहतक, बल्लभगढ़ और गुरुग्राम शहरों में वायु गुणवत्ता सबसे खराब है। इन शहरों में पीएम2.5 का स्तर राष्ट्रीय और वैश्विक मानकों से कहीं अधिक दर्ज किया गया है। विशेष रूप से धारूहेड़ा अक्टूबर 2025 में भारत का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहाँ कई दिनों तक हवा ‘गंभीर’ स्तर पर रही।
CREA रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि प्रदूषण केवल शहरों तक सीमित नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के आसपास के हरियाणा के कई हिस्से भी गंभीर रूप से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में वायु में पीएम2.5 का स्तर राष्ट्रीय मानक 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देश 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कई गुना अधिक पाया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में धुंध और उद्योगों, वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण की स्थिति को और गंभीर बना रहा है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बाहर निकलते समय मास्क पहनें और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
हरियाणा के प्रदूषण से प्रभावित शहरों की सूची में धारूहेड़ा, रोहतक, बल्लभगढ़ और गुरुग्राम शीर्ष पर हैं, जबकि NCR के आसपास के शहर भी लगातार प्रदूषण की चपेट में हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि अगर औद्योगिक उत्सर्जन और वाहनों से निकलने वाले धुएं पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य पर इसका गंभीर असर हो सकता है।