चंडीगढ़ | पंचकूला से कांग्रेस विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपकर नगर निगम पंचकूला के आयुक्त और अन्य स्थानीय अधिकारियों द्वारा लगातार उनके विशेषाधिकार हनन की घटनाओं के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
विधायक चंद्रमोहन ने कहा कि कुछ अधिकारी, जनता द्वारा दिए गए स्पष्ट जनादेश को स्वीकार न कर पाने वाले लोगों के दबाव में, लगातार उनके विधायक पद, अधिकार और मर्यादा को ठेस पहुंचा रहे हैं। स्थानीय पार्षदों और जनता के दबाव के बाद चंद्रमोहन ने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा और चेताया कि उनकी सादगी और धैर्य को कमजोरी न समझा जाए।
संविधान दिवस में जानबूझकर आमंत्रण नहीं दिया गया
संविधान दिवस (26 नवंबर 2025) के अवसर पर नगर निगम पंचकूला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में चंद्रमोहन को औपचारिक निमंत्रण तक नहीं दिया गया। उनका नाम अतिथि सूची में शामिल नहीं था। जब कुछ पार्षदों ने विरोध जताया, तब कमिश्नर ने कार्यक्रम शुरू होने से केवल एक घंटे पहले फोन कर औपचारिकता निभाई। चंद्रमोहन ने इसे विधायक के विशेषाधिकार का उल्लंघन और लोकतांत्रिक संस्थान का अपमान बताया।
पहली बार नहीं, लगातार हो रही अवमानना
चंद्रमोहन ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कई अवसरों पर नगर निगम और अन्य विभागीय अधिकारी उन्हें योजनाओं, बैठकों, निरीक्षण और सरकारी कार्यक्रमों में जानबूझकर शामिल नहीं करते। उन्होंने इसे विधायक के संवैधानिक कर्तव्यों में बाधा डालने वाला कृत्य बताया।
संविधान की रक्षा अधिकारियों का धर्म
चंद्रमोहन ने कहा कि आम तौर पर और संविधान दिवस पर भी अधिकारियों का कर्तव्य संविधान की रक्षा करना है, सत्ता या राजनीतिक नेताओं को खुश करना नहीं। उन्होंने जनता की आवाज़ बनकर हर कदम पर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प जताया।
स्पीकर से चार प्रमुख मांगें
चंद्रमोहन ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि:
- पंचकूला विधायक के विशेषाधिकार हनन का तुरंत संज्ञान लिया जाए।
- मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए।
- राज्य सरकार को निर्देश दिए जाएँ कि अधिकारी प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करें।
- संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
चंद्रमोहन ने विश्वास जताया कि माननीय अध्यक्ष विधायकों की गरिमा और विधानसभा की मर्यादा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम अवश्य उठाएँगे।