फतेहाबाद | गैंगस्टर जसबीर उर्फ़ जैकी को सोनीपत जेल से कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच उनके दिवंगत पिता कृष्ण की तेरहवीं में शामिल होने के लिए टिब्बी गांव, फतेहाबाद लाया गया। आरोपी को केवल एक घंटे के लिए परिवार से मिलने की अनुमति दी गई। इस दौरान 150 पुलिसकर्मी तैनात रहे। जैकी की पत्नी की व्याकुलता और भावुकता ने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। जैकी, जो 2017 में अपराध की दुनिया में शामिल हुआ था, कई मामलों में वांछित है और वर्तमान में सोनीपत जेल में बंद है।
सुरक्षा व्यवस्था और परिवार से मुलाकात
जैकी को गुरुवार सुबह पुलिस वैन से टिब्बी गांव लाया गया। जैसे ही वाहन गांव पहुंचा, पुलिस ने पूरी जगह को घेर लिया। जैकी हथकड़ी में ही रहे और केवल अपनी मां अंगूरी देवी, पत्नी और करीबी रिश्तेदारों से ही मिलने की अनुमति मिली।
मुलाकात के बाद, जब पुलिस उसे वापस जेल ले जाने लगी, तो उसकी पत्नी रोते हुए वैन के पीछे दौड़ी। वह कुछ देर वाहन के पास खड़ी रही, जिसे देखकर आसपास के लोग भी भावुक हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से जैकी को पहले ही घर से अलग रखा गया था। पुलिस ने सुनिश्चित किया कि वह किसी अन्य ग्रामीण से संपर्क न कर सके।
आपराधिक पृष्ठभूमि
जसबीर ने 2017 में हिमांशु गैंग से जुड़कर अपराध की दुनिया में कदम रखा। बारहवीं के बाद उन्होंने कॉलेज में दाखिला लिया और फिर गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू की, इसी दौरान वह झगड़े और आपराधिक वारदातों में शामिल हो गए। गुरुग्राम और दिल्ली में मारपीट के मामलों में उनकी पहली गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद परिवार ने उनसे नाता तोड़ दिया।
जैकी रोहतक के किलोई गांव में एक बारात में फायरिंग और एक फाइनेंसर की हत्या के मामले में भी वांछित है। जांच के दौरान, 9 दिसंबर 2024 को रोहतक पुलिस के साथ मुठभेड़ में वह घायल हुआ था। वर्तमान में वह सोनीपत जेल में बंद है और कई गंभीर मामलों में नामजद है।