रोहतक | राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की दर्दनाक मौत के बाद हरियाणा बास्केटबॉल एसोसिएशन (HBA) आगे आया है। एसोसिएशन ने घोषणा की कि वे हार्दिक के छोटे भाई प्रतीक की पढ़ाई और खेल से जुड़ा पूरा खर्च उठाएंगे। शुक्रवार को एचबीए अध्यक्ष अजय श्योराण टीम के साथ लाखनमाजरा जाकर पीड़ित परिवार से मिले।
श्योराण ने बताया कि गाँव में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए दो फोल्डेबल पोल जल्द भेजे जाएंगे। साथ ही उन्होंने मांग की कि हार्दिक राठी को ‘शहीद का दर्जा’ दिया जाए और क्षेत्र में दो नए इंडोर स्टेडियम बनाए जाएं ताकि बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हों। एसोसिएशन ने सरकार से इन मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
सरकार पर सवाल: “हादसे के बाद ही क्यों जागती है व्यवस्था?”
रोहतक के सेक्टर-3 स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हादसों की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती, इसलिए कई मामले घटना के बाद ही सामने आते हैं। उन्होंने जर्जर स्टेडियमों पर कार्रवाई को लेकर कहा कि रिपोर्ट तैयार की जा रही है और उसी अनुसार सुधार के काम चल रहे हैं। कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजीव गांधी स्टेडियम के नाम पर मैदान तो बना दिए गए, लेकिन भवन, शीशे और दरवाजों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
राज्यसभा सांसद जांगड़ा ने कहा: जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने पीड़ित परिवार से मिलकर शोक जताया। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव सहायता देगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पूर्व विधायक कुंडू बोले :“खिलाड़ी की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए”
पूर्व विधायक बलराज कुंडू ने हादसे को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। खेल सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
तीन दिन बाद भी जांच शुरू नहीं—परिवार में आक्रोश
हार्दिक की मौत के तीन दिन बाद भी प्रशासन की ओर से जांच शुरू न होने पर सवाल उठ रहे हैं। एडीसी की निगरानी में बनी तीन सदस्यीय कमेटी अभी तक परिवार के घर भी नहीं पहुंची।
उपायुक्त ने 10 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
बहादुरगढ़ स्टेडियम हादसे की जांच तेज
शहीद ब्रिगेडियर होशियार सिंह स्टेडियम में पोल गिरने से खिलाड़ी अमन की मौत के मामले की जांच शुरू हो चुकी है। एसडीएम नसीब सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। स्टेडियम में आमजन का प्रवेश बंद कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जांच कमेटी ने स्टेडियम का निरीक्षण किया और शिक्षा व खेल विभाग से उपकरणों की जानकारी मांगी। एसडीएम ने कहा कि जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आगे ऐसी घटनाएं न हों, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
नगर परिषद का रिकॉर्ड खंगाला—किसने लगाए पोल?
कमेटी यह पता लगाने में जुटी है कि स्टेडियम में बास्केटबॉल पोल किसने लगाए और भुगतान किसने किया।
सरकार ने 5 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है, जिसे जल्द जारी किया जाएगा।