सिरसा | महिला थाना में 25 नवंबर की रात हुई ग्रेनेड हमले की जांच में मुख्य आरोपी धीरज ने कई गंभीर खुलासे किए हैं। जांच के दौरान आरोपी ने माना कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से लुधियाना के अंतरराष्ट्रीय एंटी-खालिस्तानी आतंकवादी ट्रस्ट के गुरसिमरन सिंह मंड को धमकी दी थी। इसके साथ ही राम मंदिर और जालंधर के मंदिर पर हमला करने की भी बात उसने की थी।
एसआईटी और पंजाब पुलिस को शुरुआती दौर में इस धमकी की कोई जानकारी नहीं थी। बाद में दोबारा पूछताछ में धीरज ने स्वीकार किया कि लुधियाना में मंड से उसका विवाद चल रहा था और इस विवाद के चलते उसने मंदिरों पर हमले की धमकी दी।
जांच एजेंसियों ने आरोपी के संपर्कों की खोली पोल
जांच एजेंसियों ने अब धीरज के संपर्क और नेटवर्क की भी पड़ताल शुरू कर दी है। गुरसिमरन सिंह मंड ने अक्टूबर में हिसार एसटीएफ को जानकारी दी थी कि इंस्टाग्राम आईडी ‘धीरू 5911’ से धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे हैं। मंड ने एसटीएफ अधिकारियों को कॉल रिकॉर्डिंग भी दी थी, जिसमें उन्होंने धीरज द्वारा की गई धमकी की बात बताई।
धीरज ने मंड को ऑडियो कॉल भेजी थी, जिसमें उसने खुद के पाकिस्तान में होने की बात कही और ग्रेनेड फेंकने के बाद दुबई भागने की योजना का जिक्र किया। उसने कहा कि वह दो-तीन महीने अंडरग्राउंड रहेगा और दुबई में पुलिस उसे नहीं पकड़ पाएगी।
ग्रेनेड हमले में अन्य संदिग्ध भी जुड़े
एसआईटी ने गुरुग्राम से सिजान को गिरफ्तार किया है, जो धीरज और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में था। कॉल डिटेल से पता चला कि धीरज और सिजान अमृतसर जाने की योजना बना रहे थे। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि सिजान बीच रास्ते में वापस क्यों लौटा।
सिरसा में हुए हमले के तार करनाल तक भी जुड़े हैं। एसआईटी को करनाल के एक युवक के खाते से आरोपितों के खातों में ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। जल्द ही करनाल में परिवार से पूछताछ की संभावना है।
DGP ओपी सिंह आज करेंगे मामले का निरीक्षण
सिरसा में गिरफ्तारी के बाद अब बुधवार को हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह घटनास्थल पर आ रहे हैं। वे स्थानीय अधिकारियों से वारदात की पूरी रिपोर्ट लेंगे और आगे की कार्रवाई का जायजा लेंगे।