पंचकूला | हरियाणा में कांग्रेस नेता और हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। रोहतक के बहु जमालपुर गांव में सद्भाव यात्रा के दौरान दिए बयान में उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की कोई आंधी नहीं थी, बल्कि मुकाबला बराबरी का था जिसे कई नेता समझ ही नहीं पाए।
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस पूरे प्रदेश में “वोट चोरी” को प्रमुख मुद्दा बनाकर भाजपा पर लगातार हमलावर है। राहुल गांधी ने भी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि हर सर्वे कांग्रेस की जीत दिखा रहा था और पार्टी वोट चोरी के कारण हारी। ऐसे में बृजेंद्र सिंह का बयान पार्टी की आधिकारिक लाइन से बिल्कुल विपरीत माना जा रहा है।
लोकसभा के नतीजों पर दिया तर्क
बृजेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में कांग्रेस और भाजपा को 5-5 सीटें मिलीं। ऐसे में आंधी का दावा करना अतिशयोक्ति है। उनकी मानें तो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सिर्फ 46 विधानसभा सीटों पर ही बढ़त बना सकी, जिससे उन्हें तभी परिणामों का अंदाजा हो गया था।
संगठन पर साधा निशाना
उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी संगठित नजर आई थी, लेकिन विधानसभा चुनाव आते-आते संगठन की कमजोरियां सामने आने लगीं। उनके मुताबिक, कांग्रेस में संगठन के नाम पर सिर्फ नेता थे, मजबूत ढांचा नहीं था। इससे चुनावी रणनीति और प्रबंधन दोनों कमजोर पड़े।
टिकट न मिलने पर नेता निष्क्रिय हो गए
बृजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कई नेता केवल टिकट मिलने तक ही सक्रिय थे। जिन्हें टिकट नहीं मिला, वे चुपचाप घर बैठ गए या फिर विरोध में लग गए। इससे पार्टी की जमीनी पकड़ कमजोर हुई और चुनावी माहौल प्रभावित हुआ।
सद्भाव यात्रा में आए बयान, जिससे पार्टी असहज
सद्भाव यात्रा के दौरान कई ऐसे बयान सामने आए हैं जिनसे कांग्रेस में नाराजगी देखी जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि कई कांग्रेसियों में भ्रम है कि उन्हें यात्रा में शामिल होना चाहिए या नहीं। उन्होंने साफ कहा कि जो आना चाहें, आएं और जो न आना चाहें, वे कुछ महीने इंतजार कर स्थिति खुद समझ जाएंगे।
महेंद्रगढ़ में बीरेंद्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि राजनीति में अब कब्जे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कई नेता यात्रा में नहीं आए, लेकिन समय आने पर वही लोग “थाली बजाते हुए” वापस लौटेंगे।
ईडी–CBI और पार्टी नेताओं पर तीखा कटाक्ष
बृजेंद्र सिंह ने यात्रा के दौरान कहा कि ईडी और CBI से डर होना स्वाभाविक है, लेकिन अपनी ही पार्टी के नेताओं से डरना समझ से परे है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेता उनकी यात्रा से ही घबराए हुए हैं।
उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि उनसे जानबूझकर “छोटे नेताओं” पर बयान दिलवाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह ऐसा करना सही नहीं समझते। इस दौरान उन्होंने भूपेंद्र हुड्डा का भी अप्रत्यक्ष रूप से जिक्र किया और पूछा कि उन्हें दिक्कत क्या है—निमंत्रण न मिलने से या फिर इसलिए कि यह कांग्रेस की यात्रा नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष की आपत्ति
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने इन बयानों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की लहर थी और जनता सरकार बनाना चाहती थी। परिणाम न आने का प्रमुख कारण वोट चोरी था, जिसकी जानकारी स्वयं राहुल गांधी सामने ला चुके हैं।
राव नरेंद्र ने साफ कहा कि किसी भी नेता को पार्टी लाइन से हटकर बयान नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे संगठन की एकजुटता प्रभावित होती है।