हांगकांग | चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हांगकांग में 2021 में राजनीतिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाने के बाद दूसरी बार आम चुनाव आयोजित किया गया। इस बार लगभग एक तिहाई पंजीकृत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान दर 31.9 प्रतिशत रही, जो 2021 के पिछले चुनाव में दर्ज 30.2 प्रतिशत से थोड़ी बढ़ोतरी है, लेकिन इससे पहले की पारंपरिक चुनावी दर के मुकाबले बहुत कम है।
हाल ही में शहर में हुए अपार्टमेंट आग हादसे में 159 लोगों की मौत के बाद यह चुनाव जनता की सरकार के प्रति राय जानने का एक महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है। 41 लाख से अधिक पात्र मतदाताओं में से खासकर लोकतंत्र समर्थक लोग राजनीतिक प्रक्रिया से दूरी बनाए हुए हैं, जो 2019 के बड़े विरोध प्रदर्शनों और उनके दमन के बाद और स्पष्ट हुआ।
चीन के प्रति निष्ठावान उम्मीदवारों की शर्त के कारण इस चुनाव में विपक्षी लोकतंत्र समर्थक उम्मीदवारों की हिस्सेदारी सीमित रही। हांगकांग के मुख्य कार्यकारी जॉन ली ने लोगों से मतदान करने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा कि नई ‘लेजिस्लेटिव काउंसिल’ में अपार्टमेंट आग पीड़ितों की मदद के लिए प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
2021 में हुए राजनीतिक बदलाव से पहले 70 सदस्यीय ‘लेजिस्लेटिव काउंसिल’ में आधे सदस्य सामान्य मतदाताओं द्वारा चुने जाते थे। अब सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 90 कर दी गई है, जिसमें केवल 20 सदस्य सीधे मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं। 40 सदस्य चीन समर्थक चुनाव समिति द्वारा और शेष 30 सदस्य वित्त, स्वास्थ्य और रियल एस्टेट जैसे विभिन्न समूहों से नामांकित होते हैं।
इस बदलाव का उद्देश्य सरकार का नियंत्रण और स्थिरता सुनिश्चित करना बताया गया है, जबकि लोकतंत्र समर्थक मतदाताओं की मतदान में कम भागीदारी ने हांगकांग की राजनीतिक दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।