Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट की। बैठक के दौरान संगठन के सदस्यों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को विस्तार से मुख्यमंत्री के सामने रखा। प्रतिनिधिमंडल की ओर से पेंशन पुनरीक्षण, चिकित्सा भत्ते, पुरानी पेंशन से जुड़े लंबित मामलों सहित कई प्रमुख मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया गया।
मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की मांगो पर दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री ने पेंशनरों की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में पेंशनरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि पेंशनरों के लिए नीतिगत फैसलों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।इस दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने 17 दिसंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पेंशनर दिवस कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति भी जताई। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर पेंशनरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और समाधान की संभावनाओं पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष का कहना ये
हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बेहद अच्छा और खुला संवाद हुआ। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पेंशनरों की मांगों को लेकर लगातार गंभीर हैं और संगठन को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। शर्मा ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने अप्रैल तक ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी (JCC) के गठन का आश्वासन दिया है, जिससे पेंशनर से जुड़े मुद्दों को व्यवस्थित ढंग से हल करने की प्रक्रिया तेज़ होगी।आत्मा राम शर्मा ने कहा कि पेंशनर समुदाय लंबे समय से अपनी आर्थिक सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सरकार से ठोस पहल की अपेक्षा कर रहा है। मुख्यमंत्री के आश्वासन से पेंशनरों में नई उम्मीद जगी है और उन्हें भरोसा है कि सरकार उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगी।