करनाल। गन्नौर थाना क्षेत्र में 1997 में महिला केला देवी की हत्या के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई है। मामले के मुख्य आरोपी चेतराम के पेरोल पर छूटने के बाद फरार हो जाने के बावजूद, पुलिस ने 2023 में लल्याणी गांव के मलखान नाथ को गलती से चेतराम समझकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। निर्दोष मलखान नाथ पूरे दो वर्ष जेल में रहा और अब डीएनए रिपोर्ट के आधार पर वह बरी होकर बाहर आया है।
एसपी ने जांच के आदेश दिए, SIT गठित होगी
मंगलवार को जेल से रिहा होने के बाद मलखान नाथ अपने अधिवक्ता और परिजनों के साथ एसपी गंगाराम पुनिया से मिले। अधिवक्ता की ओर से एसपी को डीएनए रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें साफ हो गया कि मलखान नाथ आरोपी चेतराम नहीं है। रिपोर्ट देखने के बाद एसपी ने पूरे प्रकरण की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का भरोसा दिया।
हत्याकांड का पुराना आरोपी अब तक लापता
जानकारी के अनुसार, केला देवी की हत्या के बाद आरोपी चेतराम को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2020 में उसे पेरोल मिली, लेकिन वह वापस नहीं लौटा और फरार हो गया। पुलिस के पास स्पष्ट पहचान होने के बावजूद 2023 में मलखान को गलती से आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
29 नवंबर 2025 को जेल से रिहा होने के बाद मलखान ने अब लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि गलत पहचान के कारण उसने अपनी जिंदगी के दो कीमती साल जेल में गवाए हैं। वह न्याय और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।