नई दिल्ली। पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवादी संगठनों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में जाना जाता रहा है। इसी कड़ी में एक बार फिर एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी और हाफिज सईद का करीबी अब्दुल रऊफ भारत के खिलाफ खुलेआम भड़काऊ बयानबाजी करता नजर आ रहा है। वीडियो में रऊफ न सिर्फ भारत में आतंकवाद फैलाने और कश्मीर में हिंसा भड़काने की बात करता दिख रहा है, बल्कि परमाणु हमले जैसी गीदड़भभकियां भी देता है।
इस वीडियो को OsintTV नाम के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया है। वीडियो में अब्दुल रऊफ यह दावा करता है कि कश्मीर को लेकर संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और आने वाले समय में इसे और तेज किया जाएगा। वह युवाओं को उकसाते हुए तथाकथित ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसे कट्टरपंथी नारे दोहराता नजर आता है। रऊफ वीडियो में लश्कर के सह-संस्थापक अब्दुल रहमान मक्की का हवाला देते हुए दिल्ली तक कब्जे की बकवास करता दिखाई देता है।
वीडियो में आतंकी यह झूठा दावा भी करता है कि हाल के महीनों में भारत की स्थिति कमजोर हुई है और पाकिस्तान की “कौम जीत की ओर बढ़ रही है।” इन बयानों के जरिए वह कट्टरपंथी सोच फैलाने और युवाओं को आतंकवाद की ओर धकेलने की कोशिश करता दिखता है।
परमाणु हथियार को लेकर दी गीदड़भभकी
अब्दुल रऊफ वीडियो में भारत को परमाणु हथियार की धमकी देते हुए कहता है कि आने वाले दशकों तक भारत पाकिस्तान की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। वह भारतीय वायुसेना, राफेल, एस-400 और ड्रोन तकनीक को लेकर भी भ्रामक और झूठे दावे करता है। साथ ही, पाकिस्तान को 58 इस्लामी देशों में एकमात्र परमाणु शक्ति बताकर डर फैलाने की कोशिश करता है।
ऑपरेशन सिंदूर से उजागर हुआ पाकिस्तान का सच
आतंकी के इन दावों के विपरीत हकीकत यह है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को लेकर भारत पहले भी कड़ा जवाब दे चुका है। पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सख्त कार्रवाई की थी, जिसमें कई आतंकी लॉन्चपैड और ठिकाने ध्वस्त किए गए थे। यह ऑपरेशन इस बात का स्पष्ट संकेत था कि भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और किसी भी खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वीडियो पाकिस्तान में आतंकियों को मिल रही खुली छूट और राज्य संरक्षण की ओर इशारा करते हैं। ऐसे बयान न सिर्फ क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि पाकिस्तान के आतंकवाद को लेकर किए जा रहे दावों की भी पोल खोलते हैं।