कराची। मंगलवार को पाकिस्तान के कराची और बलूचिस्तान के कई इलाकों में तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। जर्मनी के जियोसाइंसेज अनुसंधान केंद्र (GFZ) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र (एपिसेंटर) बलूचिस्तान के सोनमियानी इलाके के पास था और इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है।
सोनमियानी बलूचिस्तान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक तटीय गांव है, जो कराची से करीब 87 किलोमीटर दूर है। भूकंप के झटके कराची के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में थोड़ी देर के लिए दहशत फैल गई। हालांकि, फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
इससे पहले सोमवार को भी बलूचिस्तान के सिबी शहर और आसपास के क्षेत्रों में 3.2 तीव्रता का हल्का भूकंप दर्ज किया गया था। लगातार आ रहे इन झटकों के कारण इलाके में रहने वाले लोग सतर्क हो गए हैं।
भूवैज्ञानिक एजेंसियों, जिनमें अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी शामिल हैं, के अनुसार बलूचिस्तान और दक्षिणी पाकिस्तान भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आते हैं। यहां इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट धीरे-धीरे यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है, जिससे समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर के तट के साथ फैला मकरान सबडक्शन जोन, जो दक्षिण-पूर्वी बलूचिस्तान तक जाता है, इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों का प्रमुख स्रोत है। भूवैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि यह क्षेत्र पहले भी जमीन के भीतर और समुद्र के नीचे कई भूकंप पैदा कर चुका है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बलूचिस्तान के जियारत इलाके में आखिरी बड़ा भूकंप 2008 में आया था, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और करीब 500 लोग घायल हुए थे। पाकिस्तान पहले भी कई विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर चुका है। 2005 के उत्तरी पाकिस्तान भूकंप में लगभग 73,000 लोग मारे गए थे, जबकि 1935 के क्वेटा भूकंप में करीब 30,000 लोगों की मौत हुई थी।
भूगर्भ विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।