Mandi, Dharamveer-:तंबाकू मुक्त युवा भारत अभियान 3.0 के तहत जोनल हॉस्पिटल मंडी को पूरी तरह तंबाकू व धूम्रपान मुक्त बनाने की दिशा में सख्त कदम उठाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने तंबाकू उत्पादों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। अब यदि कोई व्यक्ति तंबाकू या उससे संबंधित उत्पाद अपनी जेब में रखकर अस्पताल परिसर में प्रवेश करता है, तो उसे उनका त्याग करना होगा, अन्यथा सुरक्षा कर्मी उन्हें जब्त कर लेंगे।
अस्पताल प्रबंधन ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। हॉस्पिटल के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर ओपीडी, वार्डों और अन्य प्रमुख स्थानों पर तंबाकू निषेध के लिए विशेष बॉक्स लगाए गए हैं। अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मी लगातार आने-जाने वाले लोगों की निगरानी और स्कैनिंग कर रहे हैं। जिन लोगों के पास तंबाकू या धूम्रपान से जुड़े उत्पाद पाए जा रहे हैं, उनसे इन्हें निर्धारित बॉक्स में डलवाया जा रहा है।इस सख्ती का उद्देश्य अस्पताल परिसर को स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाने के लिए यह पहल की गई है। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई भी की जा रही है।
जोनल हॉस्पिटल मंडी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि कोटपा एक्ट की धारा 4 के तहत अब तक तंबाकू व धूम्रपान करने वालों के 47 चालान किए जा चुके हैं। प्रत्येक व्यक्ति से 200 रुपये के हिसाब से कुल 9,400 रुपये जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।डॉ. ठाकुर ने कहा कि अस्पताल एक उपचार का स्थान है, जहां स्वास्थ्य से जुड़ी सकारात्मक सोच को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। तंबाकू मुक्त वातावरण न केवल मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायक होगा, बल्कि युवाओं को भी नशे से दूर रहने का संदेश देगा।