Chamba, Manjur Pathan-:जिला चंबा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जिम्मेदार स्थाई पर्यटन और पारंपरिक जीवनशैली को वैश्विक मंच तक पहुंचाने वाला ‘चलो चंबा’ अभियान बीते एक माह में बड़ी उपलब्धि हासिल करने में सफल रहा है। नाट ऑन मैप संस्था के नेतृत्व में यह अभियान अब चंबा और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं को पार करते हुए देश के विभिन्न राज्यों और दो विदेशी देशों तक अपनी प्रभावी पहचान बना चुका है।
अभियान के तहत लोगों को चंबा के पारंपरिक व्यंजनों, लोककला, संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों और जिम्मेदार पर्यटन के महत्व से अवगत करवाया गया। इस दौरान भारत के पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के आगरा सहित नेपाल और भूटान में अभियान की गूंज सुनाई दी। आगरा में ताजमहल और आसपास के क्षेत्रों में देश-विदेश से आए पर्यटकों को चंबा से जुड़ी जानकारियां दी गईं, वहीं भूटान बॉर्डर और नेपाल में स्थानीय पर्यटन संस्थाओं के साथ मिलकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान किया गया।बिहार की राजधानी पटना के सिटी सेंटर मॉल में आयोजित सातवें हिमालयन ऑरेंज टूरिज्म फेस्टिवल में ‘चलो चंबा’ अभियान विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। 11 से 13 दिसंबर 2025 तक चले इस महोत्सव में चंबा की लोकसंस्कृति ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, दार्जिलिंग और नेपाल की सक्रिय भागीदारी रही।
नाट ऑन मैप के सह-संस्थापक मनुज शर्मा ने कहा कि यह अभियान यह संदेश देता है कि चंबा केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव है, जहां प्रकृति, इतिहास और मानवीय संवेदनाएं एक साथ मिलती हैं। वहीं संस्था के संस्थापक कुमार अनुभव ने जिला प्रशासन चंबा, एक्ट संस्था और आयोजनकर्ताओं का सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि अभियान को देश-विदेश तक पहुंचाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।‘चलो चंबा’ अभियान ने अल्प समय में यह सिद्ध कर दिया है कि सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ा पर्यटन ही भविष्य का सशक्त मॉडल है।