Summer express, राकेश कुमार शर्मा, करनाल | हरियाणा अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां केंद्र सरकार द्वारा घोषित सभी 24 प्रमुख फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। राज्य सरकार ने अपनी खरीद नीति का विस्तार करते हुए MSP के दायरे को 14 फसलों से बढ़ाकर 24 फसलों तक कर दिया है। सरकार के इस फैसले को किसानों ने राहत देने वाला और खेती को मजबूती प्रदान करने वाला कदम बताया है।
सरकार ने रागी, सोयाबीन, नाइजरसीड, कुसुम, जौ, मक्का, ज्वार, जूट, खोपरा और ग्रीष्मकालीन मूंग समेत 10 नई फसलों को MSP खरीद प्रणाली में शामिल किया है। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के अधिक विकल्प मिलने के साथ उनकी उपज के उचित दाम सुनिश्चित होने की उम्मीद बढ़ी है।
खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए किसानों का पंजीकरण ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। वहीं सरकार की ओर से फसल का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में DBT के जरिए 48 से 72 घंटे के भीतर भेजा जा रहा है।
प्रदेश की प्रमुख मंडियों जैसे करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार और जींद में हाफेड सहित विभिन्न खरीद एजेंसियां सक्रिय रूप से किसानों की फसल खरीद रही हैं। सरकार का दावा है कि मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जा रही।
किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि पहले उत्तर हरियाणा में सीमित फसलें ही MSP पर बिकती थीं, लेकिन अब अन्य फसलों को भी समर्थन मूल्य मिलने से छोटे और बड़े सभी किसानों को फायदा होगा। किसानों के मुताबिक, यदि फसल में नमी निर्धारित मानकों के अनुसार हो तो खरीद प्रक्रिया आसानी से पूरी हो रही है।
किसान सेवा सिंह आर्य ने कहा कि MSP पर खरीद किसानों के हित में है, लेकिन व्यापारियों को भी अधिक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि कोई व्यापारी MSP से अधिक कीमत पर फसल खरीदना चाहता है तो उसे इसकी अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि किसानों को अतिरिक्त लाभ मिल सके और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़े।
किसानों का मानना है कि MSP पर 24 फसलों की खरीद से खेती को स्थिरता मिलेगी, फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार का यह कदम कृषि क्षेत्र में हरियाणा को देशभर में अलग पहचान दिलाने वाला माना जा रहा है।