Summer express, नई दिल्ली। देश की प्रमुख निजी ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनी Nayara Energy ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए देशभर में पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बाद कंपनी ने यह फैसला लिया है। पिछले दो वर्षों में पहली बार किसी ईंधन कंपनी ने खुदरा स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी की है।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संशोधित कीमतें देशभर में नायरा एनर्जी के 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों के दोबारा खुलने से कच्चे तेल और एलएनजी की वैश्विक आपूर्ति में सुधार हुआ है। इससे आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कम हुई हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में नरमी आई है।
हालांकि, विभिन्न राज्यों में मूल्य वर्धित कर (VAT) और अन्य स्थानीय करों के कारण पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में अंतर बना रहेगा। दूसरी ओर, सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने अभी तक कीमतों में संशोधन की कोई घोषणा नहीं की है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने पर नायरा एनर्जी ने 26 मार्च को पेट्रोल के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। अब कंपनी ने हालात सामान्य होने के बाद उस बढ़ोतरी को प्रभावी रूप से वापस ले लिया है।
इस बीच, सरकारी तेल कंपनियों ने भी मई के दूसरे पखवाड़े में कई चरणों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की थी, जो अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और उत्पाद लागत में वृद्धि का परिणाम थी।
सूत्रों के मुताबिक, रिफाइनरी में रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद नायरा एनर्जी अब पूरी क्षमता के साथ संचालन कर रही है। कंपनी गुजरात के वाडिनार में स्थित अपनी 20 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाली रिफाइनरी के माध्यम से देशभर में ईंधन की मांग को पूरा करने के लिए अपने व्यापक नेटवर्क का उपयोग कर रही है। हालिया कटौती को वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता का भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है।