Summer express /ऊना, राकेश -:हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल के मलांगड़ मियां गांव के रहने वाले भारतीय सेना के हवलदार विशम्बर सिंह (36) का ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को उनकी पार्थिव देह जब तिरंगे में लिपटी हुई पैतृक गांव पहुंची तो हर आंख नम हो गई।
जानकारी के अनुसार विशम्बर सिंह वर्ष 2008 में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती देहरादून में थी। सोमवार सुबह नियमित शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) और ड्रिल पूरी करने के बाद वह साइकिल से अपनी यूनिट लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा। साथियों ने बिना देर किए उन्हें सेना के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विशम्बर सिंह करीब 25 दिन पहले ही अपने गांव से छुट्टी बिताकर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। परिवार और ग्रामीणों को क्या पता था कि कुछ ही दिनों बाद उनका बेटा और गांव का यह वीर जवान तिरंगे में लिपटकर वापस लौटेगा। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनकी मां शीला देवी और पत्नी सोनिया देवी ताबूत से लिपटकर बिलख पड़ीं। पूरे गांव में गम और सन्नाटा छा गया।स्वर्गीय विशम्बर सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनका बड़ा बेटा अक्षित 11 वर्ष का है, जबकि छोटा बेटा अभी मात्र छह माह का है। अंतिम संस्कार के दौरान 11 वर्षीय अक्षित ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि देकर सभी की आंखें नम कर दीं। यह भावुक पल वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया।
अंतिम संस्कार में सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ अपने साथी को अंतिम सलामी दी। प्रशासन की ओर से एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, डीएसपी मुख्यालय अजय ठाकुर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारियों लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र पटियाल और लेफ्टिनेंट कर्नल केसी शर्मा ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “भारत माता की जय” और “विशम्बर सिंह अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा। ग्रामीणों ने उन्हें एक साहसी, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।