नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जर्मनी में दिए बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने और विदेशों में भारत विरोधी माहौल बनाने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को भारत की प्रगति और स्थिरता से नफरत है और वह जानबूझकर देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के बर्लिन भाषण का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं और देश के लोकतांत्रिक संस्थानों पर सवाल खड़े करते हैं। भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेता भारतीय लोकतंत्र में अराजकता फैलाने की मंशा रखते हैं।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी भारत के खिलाफ बोलने वाली ताकतों के साथ खड़े नजर आते हैं और विदेशों में जाकर उन्हीं एजेंडों को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारतीय लोकतंत्र और देश की आर्थिक व सामाजिक प्रगति से चिढ़ रखती है। बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के जिम्मेदार नेता की भूमिका निभाने में असफल रहे हैं।
शहजाद पूनावाला का हमला
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अब विपक्ष के नेता नहीं, बल्कि दुष्प्रचार और देश से पलायन की राजनीति करने वाले नेता बन गए हैं। पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने की आदत बना चुके हैं।
उन्होंने कहा कि बर्लिन में राहुल गांधी ने भारत की संस्थाओं पर कब्जे और निष्पक्षता खत्म होने जैसे आरोप लगाए, जो पूरी तरह निराधार हैं। पूनावाला ने दावा किया कि राहुल गांधी का एकमात्र एजेंडा भारत विरोधी तत्वों से मिलना और विदेशी धरती पर देश के खिलाफ बयान देना है।
बर्लिन में क्या बोले राहुल गांधी
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने जर्मनी के बर्लिन स्थित हर्टी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भारत में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव है और चुनावी व्यवस्था में गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद सियासी हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इसे लेकर देश की राजनीति और गरमा गई है।