चंडीगढ़ । हरियाणा में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले से जुड़ी ताजा स्थिति की जानकारी मांगी है। तीन आईपीएस अधिकारियों के पैनल को अंतिम रूप देने से पहले यूपीएससी ने चंडीगढ़ में दर्ज एफआईआर की वर्तमान स्थिति पर स्पष्ट रिपोर्ट तलब की है।
सूत्रों के अनुसार, यूपीएससी ने राज्य सरकार से यह भी पूछा है कि इस मामले में जांच किस स्तर पर है और अब तक क्या कार्रवाई की गई है। राज्य सरकार ने मंगलवार शाम को आयोग के सभी सवालों के जवाब भेज दिए हैं।
राज्य सरकार की ओर से यूपीएससी को बताया गया है कि वाई पूरण सुसाइड केस की जांच अभी जारी है और फिलहाल चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की है। आयोग को यह जानकारी भी दी गई है कि जांच प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ रही है।
इसके अलावा यूपीएससी ने पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर के वेतनमान से संबंधित विवरण और 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी एस.के. जैन का पूरा सेवा रिकॉर्ड भी मांगा था। राज्य सरकार ने इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी आयोग को उपलब्ध करा दी है।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को डीजीपी पद के चयन के लिए यूपीएससी को पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। इस पैनल में 1990 बैच के शत्रुजीत कपूर, 1991 बैच के एस.के. जैन, 1992 बैच के अजय सिंघल, तथा 1993 बैच के आलोक मित्तल और अर्शिंदर चावला के नाम शामिल हैं।
अब यूपीएससी द्वारा मांगी गई रिपोर्ट और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ही नए पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। प्रशासनिक हलकों में इस प्रक्रिया को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि डीजीपी की नियुक्ति राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।