लुधियाना । औद्योगिक महानगर लुधियाना में आगजनी की घटनाओं से लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और चिंताजनक खुलासा हुआ है। नगर निगम की फायर ब्रिगेड विंग इस समय 178 मुलाजिमों की भारी कमी से जूझ रही है, जिससे शहर के लाखों लोगों की जान-माल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह जानकारी 26 दिसंबर को होने वाली नगर निगम के जनरल हाउस की बैठक के लिए जारी एजेंडे में सामने आई है।
एजेंडे के मुताबिक, मौजूदा संसाधनों और नियमों के अनुपात में फायर ब्रिगेड के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इसी कमी को देखते हुए 178 नए पदों को मंजूरी देने की सिफारिश की गई है। नगर निगम की योजना है कि जनरल हाउस की बैठक में प्रस्ताव पारित कर इसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाए।
नियमों के मुकाबले बेहद कम स्टाफ
फायर सर्विस नियमों के अनुसार, प्रत्येक फायर ब्रिगेड वाहन पर एक लीडिंग फायरमैन, चार फायरमैन और एक ड्राइवर की तैनाती अनिवार्य है। इस आधार पर लुधियाना में कुल 66 लीडिंग फायरमैन, 264 फायरमैन और 66 ड्राइवर होने चाहिए, ताकि शिफ्टों के अनुसार ड्यूटी सुचारू रूप से चलाई जा सके।
लेकिन हकीकत यह है कि वर्तमान में नगर निगम के पास इस मानक से कहीं कम कर्मचारी उपलब्ध हैं।
लुधियाना में फायर ब्रिगेड की मौजूदा स्थिति
- शहर में इस समय 6 फायर ब्रिगेड स्टेशन कार्यरत हैं
- नगर निगम के पास 22 छोटी-बड़ी फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौजूद हैं
- सरकार की ओर से 5 नई फायर ब्रिगेड गाड़ियों को मंजूरी दी जा चुकी है
मौजूदा स्वीकृत स्टाफ
- लीडिंग फायरमैन: 18
- फायरमैन: 86
- ड्राइवर: 19
प्रस्तावित बढ़ोतरी
- लीडिंग फायरमैन: 48
- फायरमैन: 178
- ड्राइवर: 47
नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि स्टाफ की कमी के चलते आग लगने की घटनाओं में समय पर और प्रभावी कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। यदि जल्द ही नए पदों को मंजूरी नहीं मिली, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की स्थिति में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। अब सभी की नजरें 26 दिसंबर को होने वाली जनरल हाउस की बैठक और सरकार के फैसले पर टिकी हैं।