नई दिल्ली। क्रिसमस के अवसर पर अमेरिका ने पश्चिम अफ्रीका में आतंकवाद के खिलाफ अब तक की अपनी सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है। अमेरिकी वायुसेना ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में आतंकी संगठन ISIS के ठिकानों को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमला किया। इस कार्रवाई की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से की।
ट्रंप का कड़ा संदेश: नरसंहार बर्दाश्त नहीं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई निर्दोष ईसाइयों की हत्याओं के जवाब में की गई है। ट्रंप ने लिखा कि उन्होंने पहले ही आतंकियों को चेतावनी दी थी कि यदि ईसाई समुदाय के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि कमांडर-इन-चीफ के रूप में उनके निर्देश पर युद्ध विभाग ने ISIS के ठिकानों पर सटीक और घातक हमले किए।
रक्षा मंत्रालय ने जारी किया हमले का वीडियो
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस सैन्य अभियान का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें रात के अंधेरे में आतंकी ठिकानों को तबाह होते देखा जा सकता है। अमेरिका ने इस ऑपरेशन को “शक्ति के बल पर शांति” (Peace Through Strength) की नीति का प्रतीक बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह नाइजीरिया की धरती पर अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी हवाई सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
रणनीति और पृष्ठभूमि
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार यह हमला केवल जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पश्चिम अफ्रीका में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना और धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से ईसाई समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ट्रंप ने कहा कि ISIS लंबे समय से धार्मिक आधार पर हिंसा फैला रहा है और अमेरिका कट्टरपंथी आतंकवाद को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगा।
इसके अलावा, हाल के दिनों में सीरिया के पल्मायरा क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी बलों के काफिले पर हुए हमले के बाद से ही ISIS के खिलाफ बड़े सैन्य कदम की तैयारी चल रही थी। ट्रंप ने अपनी पोस्ट के अंत में अमेरिकी सेना की सराहना करते हुए देशवासियों को क्रिसमस की शुभकामनाएं भी दीं।