Shimla, Sanju-:शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद प्रदेश सरकार द्वारा डॉक्टर राघव का टर्मिनेशन किए जाने से मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस फैसले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन खुलकर सामने आ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के एकतरफा कार्रवाई करना न सिर्फ अन्याय है, बल्कि इससे प्रदेश भर के डॉक्टरों में असुरक्षा की भावना भी पैदा हो रही है।
इसी मुद्दे को लेकर आज आईजीएमसी और जिला अस्पताल के डॉक्टर एक दिन के अवकाश पर रहे। डॉक्टरों के अवकाश पर जाने से अस्पतालों में ओपीडी और अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा.वहीं रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल आज सुबह मुख्यमंत्री से मिलने उनके सरकारी आवास ओक ओवर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें उनके समक्ष रखीं।डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री से डॉ. राघव का टर्मिनेशन तत्काल वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही घटना वाले दिन अस्पताल परिसर में भीड़ द्वारा की गई तोड़फोड़, डॉक्टरों को डराने-धमकाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ता है।
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए अलग से ठोस गाइडलाइन जारी करने की भी मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और मामले में दोबारा जांच कराने का आश्वासन दिया है।एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि आज के अवकाश के बाद शाम को जनरल हाउस की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।