Mandi, Dharamveer-:मंडी जिला में पंचायत चौकीदारों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी दिहाड़ी से की जा रही रिकवरी को तुरंत प्रभाव से बंद नहीं किया गया, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होंगे। पंचायत चौकीदारों का कहना है कि तब सरकार को कोर्ट में आकर अपना पक्ष रखना पड़ेगा।
मंडी में आयोजित बैठक के दौरान पंचायत चौकीदारों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर रोष जताया। गोहर उपमंडल से आए पंचायत चौकीदार जय किशन ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उनकी दिहाड़ी में दो बार 25-25 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इस बढ़ी हुई दिहाड़ी का भुगतान विभाग द्वारा कुछ समय तक किया भी गया, लेकिन बाद में यह कहकर रिकवरी शुरू कर दी गई कि मुख्यमंत्री की घोषणा से संबंधित कोई लिखित आदेश विभाग को प्राप्त नहीं हुए हैं।
जय किशन ने कहा कि यह पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है, क्योंकि सरकार की घोषणा के बाद ही विभाग ने बढ़ी हुई दिहाड़ी देना शुरू किया था। अब अचानक रिकवरी करना उन कर्मचारियों के साथ अन्याय है, जो पहले से ही बेहद कम दिहाड़ी पर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस रिकवरी प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
पंचायत चौकीदार प्रेम चंद वर्धन ने बताया कि इस मुद्दे को मुख्यमंत्री और पंचायती राज मंत्री के समक्ष भी उठाया जा चुका है। पंचायती राज मंत्री द्वारा स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि पंचायत चौकीदारों से किसी भी प्रकार की रिकवरी न की जाए, लेकिन इसके बावजूद विभागीय अधिकारी इन आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं और लगातार रिकवरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय में स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि अधिकारी मनमानी न कर सकें।
पंचायत चौकीदारों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है। 12 से 15 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके अंशकालीन पंचायत चौकीदारों को अब तक दैनिक वेतन भोगी नहीं बनाया गया है, जबकि यह मांग पिछले तीन वर्षों से लगातार उठाई जा रही है। सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।चौकीदारों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया और रिकवरी बंद नहीं हुई, तो वे कानूनी रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे।